रिपोर्ट – ममलेश मिश्रा (प्रबंध संपादक -बीएमएफ न्यूज़ नेटवर्क)
अभिषेक के संघर्ष और सफलता की कहानी
संघर्ष से सफलता तक: अभिषेक ने हंडिया को किया गौरवान्वित
SSC JE में ऑल इंडिया 22वीं रैंक, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग में चयन
हंडिया, प्रयागराज । जिले के कटहरा गाँव के एक साधारण परिवार में जन्मे अभिषेक कुमार गुप्ता ने अपने अदम्य साहस, कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास से असाधारण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने SSC JE 2024 में अखिल भारतीय स्तर पर 22वीं रैंक अर्जित कर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) में अभियंता (इंजीनियर) पद पर चयन प्राप्त किया है, जिससे उन्होंने अपने गाँव, परिवार और समाज का नाम रोशन किया है।
प्रतियोगिता की कठिन राह और अभिषेक की विजय
SSC कनिष्ठ अभियंता (JE) भर्ती परीक्षा भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है, जिसमें सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के डिप्लोमा, बीटेक और एमटेक योग्यता वाले लगभग 5 लाख परीक्षार्थी सम्मिलित हुए थे। इस प्रतिस्पर्धा में 1701 रिक्तियों के लिए चयन प्रक्रिया संपन्न हुई। अभिषेक ने प्रीलिम्स और मेंस दोनों चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह सफलता अर्जित की।
संघर्ष की तपिश से सफलता का उजास
अभिषेक का जीवन कठिन संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता राजेश कुमार गुप्ता एक सब्जी विक्रेता हैं और इसी व्यवसाय से परिवार का भरण-पोषण करते हैं। माता फोटो देवी एक गृहिणी हैं, जिन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा का संकल्प पूरा किया।
परिवार में शिक्षा को सर्वोपरि स्थान देने का कार्य विशेष रूप से उनके माता-पिता ने किया, जिन्होंने हर परिस्थिति में पढ़ाई को प्राथमिकता दी। दादा जी बेचू लाल गुप्ता और चाचा विजय प्रकाश, महेंद्र, जितेंद्र भी परिवार में शिक्षा को बढ़ावा देने में सहायक रहे।
अभिषेक कहते हैं—
“घर की परिस्थितियाँ आसान नहीं थीं, लेकिन माता-पिता और परिवार के सभी सदस्यों ने शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण माना। मेरे बड़े भाई विकास गुप्ता और विशाल गुप्ता का भी हर कदम पर सहयोग और मार्गदर्शन रहा। उन्होंने हमेशा मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।”
माता-पिता की खुशी और गौरव का क्षण
बेटे की इस उपलब्धि पर पिता राजेश कुमार गुप्ता ने कहा—
“हमने जो संघर्ष किया, उसका यह सुखद परिणाम है। अभिषेक की सफलता ने हमें गौरवान्वित किया है।”
माता फोटो देवी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा
“उसकी मेहनत रंग लाई, यही हर माता-पिता के लिए सबसे बड़ी संतुष्टि होती है।”
शिक्षकों और मित्रों का योगदान
अभिषेक की सफलता में शिक्षकों और मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
शिव इंटर कॉलेज, कटहरा, हंडिया, प्रयागराज में राधेश्याम यादव, रतन सिंह, महेश कुमार, बृजेश शंखधर और राजीव रंजन ने उनकी नींव मजबूत की।
हंडिया पॉलीटेक्निक, प्रयागराज से सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा (73.73%) के दौरान आदित्य सिंह, एसपी सर, आशीष सर, संजीव सर और सतीश सर ने उन्हें सही दिशा प्रदान की।
संघर्ष के इस सफर में नवीन वर्मा, रवि शंकर वर्मा जैसे शिक्षकों ने संबल दिया, जबकि अमित, विकास, विजेंदर, दिव्यांशु, कुलदीप, दीपक, सोनू, आकाश, मनीष और अरविंद जैसे दोस्तों ने हर मुश्किल घड़ी में हौसला बनाए रखा।
असफलताओं से सीखकर सफलता की ओर
SSC JE 2019 और 2020 में प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाए।
SSC JE 2022 में मुख्य परीक्षा में असफल हुए।
BARC 2024 के साक्षात्कार में चयन नहीं हो सका।
SSC JE 2023 में BRO में चयनित हुए, पर जॉइन नहीं किया।
किन्तु इन असफलताओं से विचलित हुए बिना, उन्होंने 2024 में SSC JE परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की और CPWD में इंजीनियर पद पर चयनित हुए।