रिपोर्ट: शकीर अख़्तर
बभनी (सोनभद्र) : विकास खंड बभनी के श्री हरि शंकर मंदिर असनहर प्रांगण में श्री रामकथा के दूसरे दिन कथा व्यास ने भगवान शिव-पार्वती के विवाह का मनोहारी वर्णन किया। इस दौरान शिव-पार्वती की झांकी भी दिखाई गई।
कथा में अवध धाम से देवेन्द्र महाराज ने शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि पर्वतराज हिमालय की घोर तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं और उन्हें बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती हिमालय के घर अवतरित हुईं। बेटी के बड़ी होने पर पर्वतराज को उनकी शादी की चिंता सताने लगी। माता पार्वती बचपन से ही बाबा भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं। एक दिन पर्वतराज के घर महर्षि नारद पधारे और उन्होंने भगवान भोलेनाथ के साथ पार्वती के विवाह का संयोग बताया। नंदी पर सवार भोलेनाथ जब भूत-पिशाचों के साथ बारात लेकर पहुंचे तो उसे देखकर पर्वतराज और उनके परिजन चौंक गए, लेकिन माता पार्वती खुशी से भोलेनाथ को पति के रूप में स्वीकार कर लिया।
विवाह प्रसंग के दौरान भगवान शिव की बारात निकाली गई और शिव-पार्वती की झांकी पर श्रद्धालु पुष्प बरसाए। श्री राम कथा से पूरा वातावरण राममय हो गया। भक्त गण राम कथा में शिव विवाह में झूमते और नाचते भाव विभोर हो गए।
इस संगीतमय कथा में व्यास देवेन्द्र महाराज के साथ संगीत पर हारमोनियम पर राकेश, रामविलास दास वेदांती, तबला पर महन्त अनन्त दास,की बोर्ड पर अमित ,आक्टोपैड पर दिग द्विवेदी ने साथ दिया, साउंड रुद्राक्ष डीजे ने दिया।यह कथि हरि शंकर मंदिर सेवा समिति द्वारा आयोजित किया गया है। कथा सुनने आस पास के ग्राम के महिला व पुरूष भक्त भारी संख्या में मौजूद रहे ।