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एटा के महान सेनानी जिन्होंने भारत की आजादी में अहम योगदान दिया :चौधरी नवाब सिंह, रिपोर्ट निशा कांत शर्मा एडवोकेट

एटा के महान सेनानी जिन्होंने भारत की आजादी में अहम योगदान दिया :चौधरी नवाब सिंह कई बार गए जेल, अंग्रेजों की संचार व्यवस्था ठप्प करने की मिली थी जिम्मेदारी

 

आजादी की लड़ाई में पश्चिमी उत्तरप्रदेश या ब्रज क्षेत्र के एटा जनपद का भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यहां के लगभग 1100 लोगों के नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची मे दर्ज हैं। उन्हीं क्रांतिवीरो के दल मुखिया चौधरी साहब नवाब सिंह जी के बारे मैं हम बात रहे है उस समय पर चौधरी साहब एटा जिले के महान प्रभावशाली व्यक्तियों मैं से एक थे

 

जनपद के योगदान पर महान स्वतंत्रता सेनानी चौ.नवाब सिंह के बेटे और पूर्व सांसद कैलाश सिंह यादव बताते हैं। अपने गांव लाल गढ़ी ने स्वतंत्रता संग्राम में बढ चढ़कर भाग लिया था। उस समय गांव में 10 घर थे। सभी घरों से स्वतंत्रता सेनानी निकले थे। जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया था।

 

17 लोग एक साथ गए थे जेल कैलास यादव बताते हैं 1942 में हमारे पिता चौधरी नवाब सिंह अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के आरोप में 17 लोगों के साथ जेल गए थे। जिनमें हमारे गांव लाल गढ़ी के 11 आदमी थे। नगला फरीद का 1, लहरा के 2, अम्बरी के 1 व्यक्ति थे। भारत के प्रसिद्द कवि बलवीर सिंह रंग भी उसी समय हमारे पिता जी के साथ जेल गए थे।

 

बाद मे सभी को सजायें हुईं किसी को 6 महीने की, किसी को 8 महीने की। हमारे पिता जी को 6 महीने की सजा हुई, उसके बाद फिर 1 साल की सजा हुई थी। 25 रुपये का जुर्माना भी हुआ था उस समय 25 रूपये पूरे गांव पर नहीं थे ।

 

लालगढ़ी एक ऐसा गांव है फ्रीडम फाइटरों का वैसा पूरे उत्तर प्रदेश मे नहीं है। हमारे पिता नबाब सिंह मेहता लाइब्रेरी की छत से गिरफ्तार हुए थे। उनके ऊपर टेलीफोन लाइन के तार काटकर अंग्रेजो की संचार सेवा ठप्प करने की जिम्मेदारी थी। उसके बाद आमलखेड़ा मे अंग्रेजों से गोली चलाई थी। जिसमें 14 आदमी मारे गए थे। उस समय हमारे पिता जी आंधी का फायदा उठाकर बचने मैं सफल हुए।

 

आजाद भारत के बाद 5 सीएम लालगढ़ी आए वे याद करते हुए बताते हैं कि गांव लालगढ़ी के आजादी में योगदान के कारण ही समय-समय पर 5 मुख्यमंत्री हमारे गांव आये थे। सितम्बर 1952 में रफी अहमद किदवई हमारे गांव आये थे। उसके बाद हेमवती नंदन बहुगुणा, नारायण दत्त तिवारी, चौधरी चरण सिंह, गोविन्द बल्लभ पंत सभी हमारे गांव लालगढ़ी आये थे। स्वतंत्रता सेनानियों से मिले थे। उस समय मैं कक्षा 6 में पढता था। उस समय एटा में कुछ नहीं था, कच्चे रास्ते थे।

 

 

Ronda Faulk
Author: Ronda Faulk

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