रिपोर्ट – हृदय बहादुर सिंह।
बलिया समाचार। यूपी पुलिस ने 5 दिन तक इस मामले में जांच का नाटक किया और आखिर में BJP सरकार की ‘इमेज बचाओ नीति’ के तहत इसे आत्महत्या करार दे दिया।
लड़की के घरवाले बिलख रहे हैं, इंसाफ मांग रहे हैं। उनका साफ कहना है कि ये हत्या है। उनकी बेटी को मार कर पेड़ से लटका दिया गया।
घर वाले एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि लड़की के हाथ पीछे की ओर बंधे थे, फिर उसने फांसी कैसे लगाई?
ये वो वाजिब सवाल हैं, जिसका जवाब पुलिस के पास नहीं हैं। पुलिस के पास है तो सिर्फ मामले को रफा-दफा करने की नीयत।
ये नीयत उसे यूपी की BJP सरकार से मिली है, जिसकी सोच में ही अपराधियों को बचाना छिपा है। ये एकलौती घटना नहीं है, रोजाना ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिसपर सरकार पर्दा डालने में लगी है।
हमारी मांग है कि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और सच सामने आना चाहिए।
पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए।