रिपोर्ट: राम आसरे
- केंद्रीय मंत्री ने महाकुम्भ को बताया सनातन आस्था और भक्ति का प्रतीक
- सनातन संस्कृति की महान परंपरा का जीवंत उदाहरण है महाकुम्भ
प्रयागराज। महाकुम्भ नगर, महाकुम्भ में सोमवार को केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया भी परिवार समेत त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगाने प्रयागराज पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने अपनी श्रद्धा और भावना व्यक्त की। उन्होंने कुम्भ को सनातन संस्कृति और आस्था का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आयोजन ईश्वर की कृपा से संपन्न हो रहा है।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, “महाकुम्भ में पवित्र स्नान करना हर श्रद्धालु के लिए आस्था और भक्ति का प्रतीक है। यह हमारी सनातन परंपरा से जुड़ा एक महान पर्व है।” उन्होंने आगे कहा, “महाकुंभ के बारे में कोई कुछ भी कहे, लेकिन यह आयोजन पूरी तरह ईश्वर की कृपा से संपन्न हो रहा है। पीएम मोदी और सीएम योगी पर ईश्वर की कृपा है और उनके मार्गदर्शन में प्रतिदिन करोड़ों लोग बेहतर सुविधाओं के साथ स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।”
मनसुख मांडविया ने महाकुम्भ को सनातन संस्कृति और भारतीय परंपरा की महान विरासत बताते हुए कहा कि यह आयोजन विश्वभर में भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सांस्कृतिक धरोहर का संदेश देता है।महाकुम्भ 2025 न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति का ऐसा संगम है, जहां हर व्यक्ति अध्यात्म और मानवता का अनुभव करता है।