इंडिया गेट का नामकरण स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में किया जाए

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रिपोर्ट -ममलेश मिश्रा ( प्रबंध संपादक -बीएमएफ न्यूज़ नेटवर्क)

नई दिल्ली– बिहार के सीवान जिले के निवासी और वर्तमान में दिल्ली में रह रहे 19 वर्षीय अंशुमान मिश्रा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और भारत के राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र लिखकर ऐतिहासिक इंडिया गेट का नाम बदलने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि यह स्मारक, जो पहले विश्व युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के सम्मान में बनाया गया था, अब भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और हमारे वीर शहीदों के बलिदान को सम्मानित करने का प्रतीक बनना चाहिए।

पत्र में लिखा कि इंडिया गेट का वर्तमान नाम हमारे स्वतंत्रता संग्राम और हमारे नायकों के संघर्ष को पूरी तरह से व्यक्त नहीं करता। उन्होंने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से अपील की है कि इंडिया गेट का नाम बदलकर उसे एक ऐसा नाम दिया जाए, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के संघर्षों और हमारे वीर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को सटीक और प्रभावशाली तरीके से दर्शाए।

अंशुमान ने कुछ नए नामों का सुझाव दिया है:

  1. राष्ट्र गौरव द्वार (National Pride Gateway)
  2. स्वराज्य ज्योति द्वार (Light of Independence Gateway)
  3. राष्ट्र विजय स्तंभ (National Victory Pillar)
  4. वीर स्मृति द्वार (Bravery Memorial Gateway)

इन नामों के जरिए उनका उद्देश्य है कि इंडिया गेट एक ऐसा प्रतीक बने, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वीरता और हमारे शहीदों के बलिदान को हमेशा याद दिलाए और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा दे।

अंशुमान का मानना है कि इस नामकरण से युवाओं में राष्ट्रीय गौरव का भाव उत्पन्न होगा और वे हमारे ऐतिहासिक संघर्ष के महत्व को सही तरीके से समझ सकेंगे। यह कदम भारत के स्वतंत्रता संग्राम को सम्मान देने और देश की गौरवपूर्ण धरोहर को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

यह पत्र प्रधानमंत्री और भारत के राष्ट्रपति दोनों को भेजा गया है और वे आशा करते हैं कि उनके इस विचार को देशहित में सकारात्मक रूप से देखा जाएगा।

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