अपने लिए जिए तो क्या जिए — अमृतवेला परिवार ने रामलाल वृद्ध आश्रम में बुजुर्गों की सेवा कर दिया मानवता का संदेश, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*अपने लिए जिए तो क्या जिए — अमृतवेला परिवार ने रामलाल वृद्ध आश्रम में बुजुर्गों की सेवा कर दिया मानवता का संदेश*

 

आगरा। अपने लिए जिए तो क्या जिए” की भावना को साकार करते हुए अमृतवेला परिवार शाहगंज आगरा की गुरु रूप संगत ने गुरुवार प्रात, अमृतवेले गुरु महाराज ज़ी के आगे अरदास (प्रार्थना )

रामलाल वृद्ध आश्रम सिकंदरा पहुंचकर बुजुर्गों की श्रद्धाभाव से सेवा की, सेवा कार्य के दौरान उपस्थित संगत ने कहा कि जिनका कोई नहीं होता। उनका सहारा स्वयं भगवान बनते हैं और ऐसे पुण्य कार्यों में सहभागी बनना जीवन का सौभाग्य है। कार्यक्रम के अंतर्गत नर सेवा नारायण सेवा,गौ सेवा भगवान सेवा के भाव के साथ बुजुर्गों को प्रेमपूर्वक वेज पुलाव, चाय,बिस्कुट आदि का लंगर वितरित किया गया। वहीं गौ सेवा हेतु हरा चारा,आलू, गुड़ सहित अन्य सामग्री भी समर्पित की गई। सेवा में जुटी संगत ने पूरे श्रद्धा भाव से बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बताया। रामलाल वृद्ध आश्रम में भाई शिवप्रसाद शर्मा द्वारा अतिथि देवो भवः की परंपरा के साथ सभी सेवादारों का सम्मान किया गया। आश्रम परिवार की ओर से सभी को पटका पहनाकर एवं शील्ड भेंट कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर मुख्य सेवादार बॉबी आनंद,गुरु सेवक श्याम भोजवानी,मुकेश सारस्वत, मोहन गनवानी, मनोज गिदवानी, भारत संगतानी,अजय अरोड़ा, कुशांक ग्रोवर,रचित वाधवा,पवन गनवानी, हिमांशु, वियान, वंदना, गुरवचन सहित अमृतवेला परिवार एवं गुरु रूप संगत के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। अंत में सभी ने गुरु महाराज जी के चरणों में अरदास कर समाज, देश एवं समस्त मानवता के कल्याण की कामना की,

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