*सांसद राजकुमार चाहर ने उठाया यमुना नदी के ऊपरी अथवा निचले प्रवाह क्षेत्र में किसी उपयुक्त स्थान पर एक बैराज का निर्माण का मुद्दा।*
*नियम 377 के अंतर्गत विषय*
आगरा। संसद में सांसद राजकुमार चाहर द्वारा नियम 377 के अंतर्गत यमुना नदी के ऊपरी अथवा निचले प्रवाह क्षेत्र में किसी उपयुक्त स्थान पर एक बैराज का निर्माण का मुद्दा उठाया गया। आगरा जनपद अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से विश्वभर में प्रसिद्ध है। किन्तु आगरा एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जिससे पेयजल की उपलब्धता प्रभावित हो रही है तथा किसानों को सिंचाई के लिए भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भूजल के अत्यधिक दोहन तथा यमुना नदी में पर्याप्त जल प्रवाह न होने के कारण भविष्य में इस क्षेत्र में जल संकट और अधिक गंभीर होने की आशंका है। ऐसी परिस्थितियों में आवश्यक है कि आगरा में यमुना नदी के ऊपरी अथवा निचले प्रवाह क्षेत्र में किसी उपयुक्त स्थान पर एक बैराज का निर्माण कराया जाए। प्रस्तावित बैराज के निर्माण से वर्षभर जल का भंडारण सुनिश्चित होगा, भूजल पुनर्भरण (ग्राउंड वाटर रिचार्ज) को बढ़ावा मिलेगा, गिरते हुए भूजल स्तर में सुधार होगा तथा पेयजल एवं सिंचाई के लिए जल का एक स्थायी स्रोत उपलब्ध हो सकेगा। इसके अतिरिक्त, यह परियोजना यमुना नदी के पारिस्थितिक संतुलन को पुनर्स्थापित करने, ताजमहल एवं अन्य ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण में सहयोग देने तथा पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राजकुमार चाहर ने भारत सरकार से अनुरोध किया कि आगरा में यमुना नदी पर उपयुक्त स्थान पर बैराज के निर्माण हेतु विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कराया जाए तथा इस महत्वपूर्ण परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।









