रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्यूरो चीफ- सोनभद्र)
चोपन। चोपन के मेडर माता मंदिर परिसर में आयोजित सप्तदिवसीय श्री राम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास महाराज दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने भगवान श्री राम के जन्म प्रसंग का अत्यंत मनोहारी एवं रोचक वर्णन किया। भगवान राम के प्रकट होते ही पूरा कथा पंडाल और मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा।
कथा के मुख्य बिंदु
धर्म और अवतार का संदेश: कथा व्यास महाराज दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि जब-जब धरती पर अनैतिकता, अधर्म, भ्रष्टाचार, चरित्रहीनता और अहंकार का बोलबाला बढ़ता है, तब-तब प्रभु मानव रूप में अवतार लेकर भक्तों का कल्याण करते हैं।
सृष्टि के पालक: भगवान श्रीराम जग के पालक और सृष्टि नियम के मुख्य तत्व हैं, जिन्होंने साकार रूप धारण कर अयोध्या नरेश राजा दशरथ के यहाँ जन्म लिया।
आध्यात्मिक ज्ञान: रामकथा मनुष्य को न केवल आध्यात्मिक दृष्टि प्रदान करती है, बल्कि जीवन में उच्च आदर्श गुणों का संचार भी करती है।
भव्य जन्मोत्सव: जन्मोत्सव प्रसंग के दौरान पूरा पंडाल खचाखच भरा हुआ था। अवतार प्रसंग आते ही पूरा क्षेत्र भक्तिभाव से सराबोर हो गया।
प्रमुख उपस्थिति
इस पावन अवसर पर चोपन सहित पूरे सोनभद्र जिले के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में निम्नलिखित कार्यकर्ताओं एवं संरक्षकों का विशेष योगदान रहा:
आयोजक : शिवकुमार पहाड़ी, व संरक्षक नागेश्वर प्रसाद गोंड
सुनील सिंह, सन्तोष साहनी अजय साहनी, महेंद्र गोंड समुद्री निषाद, राजकुमार साहनी, श्रवण साहनी , राजेंद्र जी, रमाशंकर साहनी , राजेंद्र पाल, पंडित निषाद, रवि निषाद एवं अन्य समर्पित कार्यकर्ता।
प्रेषक: आयोजन समिति, श्री राम कथा, मेडर माता मंदिर परिसर, चोपन, सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)









