रिपोर्टर आर के सिंह कुशवाहा
लोकेशन शाहजहांपुर
आवारा कुत्तों ने बच्ची को नोच-नोचकर मार डाला
शाहजहांपुर में जहाँ एक ओर नगर निगम आवारा कुत्तो को पकड़ने और कुत्तो की नसबंदी करने का अभियान चला रही है तो वही दूसरी ओर कुत्तो का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है जहाँ आवारा कुत्तों ने बच्ची को नोच-नोचकर मार डाला बच्ची के शरीर पर 10-12 जगह गहरे घाव नजर आये बच्ची का दोष सिर्फ इतना था कि बच्ची पिता के साथ सब्जी तोड़ने गई थी और आवारा कुत्तों नें बच्ची पर हमला कर diya हमले में 11 वर्षीय बच्ची की मेडिकल कालेज मे इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
आपको बता दे घटना रविवार सुबह करीब सात बजे ककरा स्थित चार्जिंग स्टेशन प्वाइंट के पास हुई। ककरा निवासी नईम अपनी बेटी सवालिया के साथ खेत पर सब्जी तोड़ने गए थे। इस दौरान नईम ने बेटी को अपने भाई इकराम को बुलाने के लिए घर की ओर भेजा था।
*5 से 6 कुत्तों ने किया हमला*
पिता से कुछ दूरी पर पहुंचते ही करीब पांच से छह आवारा कुत्तों के झुंड ने सवालिया पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्ची की गर्दन पर तीन जगह और शरीर पर 10 से 12 जगह गंभीर रूप से काट लिया।
मौके से गुजर रहे लोगों ने बच्ची को कुत्तों से घिरा देखा और उसके पिता नईम को सूचना दी। जब नईम अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे तो बच्ची खून से लथपथ हालत में पड़ी थी और कुत्ते उसे नोच रहे थे। यह दृश्य देखकर पिता बेहोश हो गए।
मेडिकल कॉलेज में बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है
स्थानीय लोगों ने किसी तरह कुत्तों को भगाया और बच्ची को परिजनों की मदद से राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। हालांकि गंभीर चोटों के चलते इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बाद में परिजन शव को बिना पोस्टमार्टम कराए एंबुलेंस से घर ले गए।
मृतक बच्ची के चाचा रफी अहमद ने बताया कि सवालिया की चार बड़ी बहनें फूल बी, असरा, निशरा और आलिया हैं, जबकि दो भाई अजीम और इकराम हैं। उन्होंने बताया कि बच्ची के पिता नईम बटाई पर खेत लेकर मजदूरी करते हैं। घटना के बाद मां शबाना का रो-रोकर बुरा हाल है।
ईएमओ डॉक्टर मेहराज अहमद ने बताया कि बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। उसके शरीर और गर्दन पर कुत्तों के काटने के कई निशान थे। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी से बात नहीं हो सकी। नगर आयुक्त सौम्य गुरूरानी ने कॉल रिसीव नहीं की। सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम के सीयूजी नंबर पर भी संपर्क नहीं हो पाया। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह के कार्यालय से जानकारी नोट कराने को कहा गया, लेकिन उनसे सीधे बात नहीं हो सकी। नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी जबसे शाहजहांपुर में आई है उनको नगर निगम यही शाहजहांपुर महानगर की जनता से कोई मतलब नहीं है साफ सफाई हो या छुट्टा गोवंश जनता मरे या जिये इनको कोई मतलब नहीं है अतिक्रमण शहर में काफी है लेकिन यह मोहतरमा को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है इन्हीं की अनदेखी के कारण एक बच्ची की मौत हो गई है नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी को सस्पेंड किया जाना है विपिन मिश्रा जैसा नगर आयुक्त नहीं आयेगा तेज तर्रार नगर आयुक्त होना चाहिए जो महानगर में छुट्टा गोवंश और कुत्तों की बढ़ती संख्या अतिक्रमण पर ध्यान देना जरूरी है








