*भारतीय मीडिया फाउंडेशन की दहाड़: लापता रोहित कुमार की बरामदगी के लिए आरटीआई का होगा सहारा, छत्तीसगढ़ प्रशासन पर बरसे संस्थापक ए.के. बिंदुसार*
बिलासपुर (छत्तीसगढ़) | 6 अप्रैल 2026
बिलासपुर के ‘भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भोजपुरी भवन’ में आयोजित भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) का सम्मान समारोह एवं सम्मेलन आज एक ‘चेतावनी सभा’ में तब्दील हो गई।
कार्यक्रम का संचालन छत्तीसगढ़ के मुख्य प्रशासक एवं बिलासपुर जिला अध्यक्ष राजवर्धन पांडेय एवं प्रदेश सचिव संत यादव जी ने संयुक्त रूप से किया।
यूनियन के संस्थापक ए.के. बिंदुसार ने डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय से रहस्यमय तरीके से गायब हुए संगठन के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रभारी बिहार के पुत्र रोहित कुमार (पुत्र: अमरेंद्र कुमार) का मुद्दा उठाकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
“प्रशासन की अनदेखी नहीं की जाएगी बर्दाश्त”
यूनियन के संस्थापक एके बिंदुसार ने मंच से स्पष्ट किया कि पीड़ित पिता अमरेंद्र कुमार ने जिला प्रशासन से लेकर राज्य और केंद्र सरकार तक गुहार लगाई, लेकिन सरकारी तंत्र ने इसे रद्दी की टोकरी में डाल दिया। बिंदुसार ने आक्रोश जताते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। यदि हमारे पदाधिकारी के साथ हुए इस अन्याय को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा।”
अब आरटीआई के जरिए खुलेगा सच,
बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया कि रोहित कुमार की गुमशुदगी के मामले में अब तक संगठन द्वारा दिए गए सभी प्रार्थना पत्रों और प्रशासन की कार्रवाई की फाइलें खोलने के लिए ‘आरटीआई’ (RTI) का उपयोग किया जाएगा। बिंदुसार ने कहा कि अब इस मामले के हर पन्ने की जांच होगी और दोषियों को बेनकाब किया जाएगा।
10 दिन बाद ‘अंतिम निर्णय’ की चेतावनी,
संस्थापक एके बिंदुसार ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए घोषणा की कि 10 दिनों के बाद भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी की राष्ट्रीय टीम पुनः बिलासपुर का दौरा करेगी। बिंदुसार ने कहा, “अगली बैठक में हम जोरदार रणनीति और प्रदर्शन के माध्यम से निर्णायक फैसले लेंगे। यदि तब तक कोई परिणाम नहीं निकला, तो बिलासपुर में अनिश्चितकालीन श्रमिक अनशन की बिगुल बजा दी जाएगी।”
नवीन कार्यकारिणी और संगठनात्मक संकल्प,
कार्यक्रम में संगठन विस्तार की प्रक्रिया जारी रही, जिसमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित पदाधिकारियों ने रोहित कुमार मामले को शीर्ष प्राथमिकता पर रखने का संकल्प लिया:
राष्ट्रीय नेतृत्व:
राष्ट्रीय पार्षद एवं राज्य डिप्टी चेयरमैन उत्तर प्रदेश विशाल तिवारी, एवं
पवन तिवारी (राष्ट्रीय पार्षद एवं डिप्टी चेयरमैन छत्तीसगढ़), हरिश चौबे (राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश प्रभारी, छ.ग.)
प्रदेश नेतृत्व (छ.ग.): रेवत लाल पटेल (प्रदेश अध्यक्ष), संजय अग्रवाल (प्रदेश उपाध्यक्ष), संत यादव (प्रदेश सचिव), घनश्याम पवार (प्रदेश संगठन सचिव), लक्ष्मी बर्वे (राज्य चेयरमैन, महिला सेल, छत्तीसगढ़ ,रायपुर)
जिला नेतृत्व: मनोज कुमार केशरवानी (जिला अध्यक्ष, कोरबा), तक़दीर मैत्री (जिला अध्यक्ष, जांजगीर-चांपा), शंकर पटेल (जिला संगठन सचिव, कोरबा), संध्या भारद्वाज (जिला उपाध्यक्ष, महिला सेल, कोरबा), ज्योति (सदस्य, कोरबा)
सहयोगी एवं विशिष्ट सक्रिय सदस्य: बिलासपुर जिला अध्यक्ष राज वर्धन पांडेय, समर जीत सिंह, सोई गोयल, अभय गुप्ता, घनश्याम चौहान, हेमलाल साहू, रोहित सिंह, संतराम यादव, शंकर सोनी, ललीत तिवारी, लक्ष्मी नारायण सोनी और राजेश वर्मा।
ब्यूरो रिपोर्ट: बिलासपुर, छत्तीसगढ़






