*भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल )कोर कमेटी का ‘शक्ति प्रदर्शन’: संस्थापक सदस्य करन छौकर का कड़ा फरमान— “अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं, मीटिंग में आएं या जिम्मेदारी छोड़ें”*
*ब्लॉक स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मीडिया योद्धाओं की एकजुटता के लिए वर्चुअल महा-मंथन शुरू; संगठन की नई नीति से मचेगा तहलका;*
सिम्मी भट्टी की खास रिपोर्ट।
[ब्यूरो डेस्क], नई दिल्ली:
भारतीय मीडिया जगत के सबसे सक्रिय और प्रभावशाली संगठनों में से एक, भारतीय मीडिया फाउंडेशन (BMF) नेशनल, अब एक नए अवतार में नजर आने वाला है। संगठन की जड़ों को मजबूत करने और इसे देश के अंतिम ब्लॉक तक पहुँचाने के उद्देश्य से, केंद्रीय पॉलिसी मेकिंग सुप्रीम कमेटी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक सदस्य माननीय करन छौकर जी ने एक ऐतिहासिक और कड़ा रुख अख्तियार किया है।
करन छौकर जी ने स्पष्ट कर दिया है कि संगठन में पद केवल नाम के लिए नहीं, बल्कि काम के लिए दिए गए हैं। इसी क्रम में उन्होंने प्रतिदिन होने वाली वर्चुअल मीटिंग को लेकर सभी पदाधिकारियों के लिए “मस्ट अटेंड” (अनिवार्य उपस्थिति) का अल्टीमेटम जारी कर दिया है।
1. अनुशासन ही संगठन की असली शक्ति: करन छौकर
संस्थापक सदस्य करन छौकर जी ने संगठन के आंतरिक संचार को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन केवल एक नाम नहीं, बल्कि देश के हज़ारों पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की उम्मीद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि:
संवाद ही समाधान है: प्रतिदिन की वर्चुअल मीटिंग इसलिए रखी गई है ताकि ब्लॉक स्तर पर काम कर रहे छोटे से छोटे पदाधिकारी की समस्या को सीधे राष्ट्रीय नेतृत्व सुन सके।
उपस्थिति अनिवार्य: अब से ब्लॉक अध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट कार्ड और उपस्थिति मीटिंग में दर्ज करानी होगी।
जवाबदेही तय होगी: जो पदाधिकारी लगातार मीटिंग से नदारद रहेंगे, उनके खिलाफ संगठन की पॉलिसी मेकिंग कमेटी सख्त कदम उठाएगी।
2. ‘ब्लॉक से राष्ट्र’ तक एक समान नियम
अक्सर देखा जाता है कि राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी सक्रिय रहते हैं, लेकिन ब्लॉक स्तर पर सूचनाएं नहीं पहुँच पातीं। इस खाई को पाटने के लिए करन छौकर जी ने एक अभूतपूर्व निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि:
“चाहे आप ब्लॉक लेवल के पदाधिकारी हों या राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, संगठन के नियम सभी के लिए समान हैं। आज की मीटिंग में सबकी हाजिरी यह तय करेगी कि आप पत्रकारिता के हितों के लिए कितने गंभीर हैं।”
इस वर्चुअल मीटिंग को एक ‘डिजिटल संसद’ के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ हर शाम मीडिया के वर्तमान हालातों, पत्रकारों की सुरक्षा और संगठन के विस्तार पर गहन चर्चा होती है।
3. आज की मीटिंग के मुख्य एजेंडे: क्यों है यह महत्वपूर्ण?
आज होने वाली यह विशेष बैठक केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं है। सूत्रों के अनुसार, करन छौकर जी आज निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा कर सकते हैं:
मीडिया कर्मियों की सुरक्षा: देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ एक ‘नेशनल प्रोटेक्टिव विंग’ की रूपरेखा।
ब्लॉक स्तरीय विस्तार: कैसे संगठन के सदस्य हर तहसील और गाँव तक मीडिया की आवाज पहुँचाएं।
डिजिटल सदस्यता कार्ड: पदाधिकारियों की पहचान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए नई डिजिटल गाइडलाइंस।
वार्षिक कार्ययोजना: आने वाले महीनों में भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल)द्वारा आयोजित किए जाने वाले सम्मेलनों की घोषणा।
4. पदाधिकारियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश
करन छौकर जी ने सभी मीडिया अधिकारियों और पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि:
समय की पाबंदी: मीटिंग निर्धारित समय पर शुरू होगी, अतः सभी को समय से पूर्व लॉग-इन करना होगा।
सक्रिय सहभागिता: मीटिंग में केवल जुड़ना काफी नहीं है, बल्कि अपने क्षेत्र की समस्याओं और सुझावों को भी साझा करना अनिवार्य है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई: बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है।
5. संगठन में उत्साह की लहर
करन छौकर जी के इस कड़े निर्देश के बाद संगठन के भीतर एक नई ऊर्जा देखी जा रही है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस प्रकार की मीटिंग्स से उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व से सीधे जुड़ने का मौका मिलता है, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान होता है।
उन्होंने कहा कि यह कदम संगठन को ‘कॉर्पोरेट अनुशासन’ और ‘सामाजिक न्याय’ के मिश्रण के रूप में स्थापित करेगा।
पत्रकारिता के सुनहरे भविष्य की नींव,
कमेटी जिस तरह से काम कर रही है, वह अन्य संगठनों के लिए एक मिसाल है। आज की वर्चुअल मीटिंग संगठन के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी।
सभी पदाधिकारियों को पुनः सूचित किया जाता है: अपनी उपस्थिति आज की मीटिंग में अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं और भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल )को विश्व का सबसे सशक्त मीडिया संगठन बनाने में अपना योगदान दें।
प्रेषित:
केंद्रीय सूचना एवं जनसंपर्क विभाग
भारतीय मीडिया फाउंडेशन(नेशनल)







