रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्यूरो चीफ- सोनभद्र)
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों के मान-सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी ने बड़ा कदम उठाया है। संगठन ने 23 अगस्त 2026 को लखनऊ में एक सम्मेलन का आयोजन किया है। इस सम्मेलन का उद्देश्य सिर्फ बैठक करना नहीं, बल्कि पत्रकारों के हक और अधिकारों की आवाज को सत्ता के गलियारों तक पहुंचाना है।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने देश के सभी प्रदेश, जिला, नगर और तहसील पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से करबद्ध अपील की है कि वे संगठन की गरिमा को बनाए रखने के लिए इस सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हों।
*सम्मेलन क्यों जरूरी है*
आज पत्रकारिता के सामने कई चुनौतियां हैं। फर्जी मुकदमे, उत्पीड़न, आर्थिक असुरक्षा और सम्मान की कमी जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में एकजुट होकर अपनी बात रखना समय की मांग है।
संगठन का मानना है कि जब तक शासन और प्रशासन को यह एहसास नहीं होगा कि पत्रकार अपने अधिकारों के लिए संगठित हैं, तब तक उनकी मांगें अनसुनी रहेंगी। लखनऊ का यह सम्मेलन उसी एहसास को जगाने का मंच बनेगा।
*मुख्य मांगें क्या हैं*
सम्मेलन में भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी सरकार के समक्ष पत्रकार हितों से जुड़ी कई मांगें रखेगा:
1. *पत्रकार सुरक्षा कानून*: सभी राज्यों में प्रभावी रूप से लागू किया जाए ताकि फील्ड में काम करने वाले पत्रकार सुरक्षित महसूस करें।
2. *सामाजिक सुरक्षा*: मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा की व्यवस्था हो।
3. *उत्पीड़न पर रोक*: जनहित की खबरें चलाने पर पत्रकारों पर होने वाले फर्जी केस और धमकियों पर सख्त कार्रवाई हो।
4. *संसद में विधेयक*: पत्रकारों के अधिकारों और कर्तव्यों को लेकर संसद में एक समग्र बिल लाया जाए और उसे पारित किया जाए।
*”बूंद-बूंद से घड़ा भरता है” – एकता का संदेश*
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि बदलाव एक दिन में नहीं आता। इसके लिए हर जिले, हर तहसील से सहयोग चाहिए।
“हमारी ताकत हमारी संख्या में है। अगर हर जिले और हर प्रदेश से पत्रकार लखनऊ पहुंचेंगे तो सरकार और विपक्ष दोनों को हमारी मांगों को गंभीरता से लेना पड़ेगा। यह सम्मेलन बताएगा कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन के कार्यकर्ता अपने हक के लिए सड़क से लेकर संसद तक जाने का माद्दा रखते हैं” – संगठन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा।
*सम्मेलन का विवरण*
– *तिथि*: 23 अगस्त 2026, शनिवार
– *स्थान*: लखनऊ, उत्तर प्रदेश
– *कौन आ सकता है*: भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के सभी राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला, नगर, तहसील पदाधिकारी, कार्यकर्ता और पत्रकार बंधु।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी ने सभी पदाधिकारियों से अपील की है कि वे इसे केवल एक कार्यक्रम न समझें। यह पत्रकार अस्मिता की लड़ाई है। आपकी एक दिन की उपस्थिति आने वाली पीढ़ियों के लिए पत्रकारिता को सुरक्षित और सम्मानजनक बना सकती है।
आइए, 23 अगस्त को लखनऊ में हम सब मिलकर यह संदेश दें कि पत्रकार अब बिखरा हुआ नहीं है। वह संगठित है, जागरूक है और अपने अधिकार लेकर रहेगा।
संगठन की गरिमा बनी रहे, पत्रकार का अधिकार मिले – यही इस सम्मेलन का संकल्प है।








