ताजमहल पर बंदरों का बढ़ता आतंक: विदेशी महिला पर्यटक को काटा, स्मारक को निहारे बगैर लौटी

*ताजमहल पर बंदरों का बढ़ता आतंक: विदेशी महिला पर्यटक को काटा, स्मारक को निहारे बगैर लौटी*

 

आगरा। विश्व धरोहर ताजमहल में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दक्षिण कोरिया से आई एक महिला पर्यटक पर बंदर ने हमला कर दिया और उसके हाथ में काट लिया। घायल पर्यटक को बैटरी कार से अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। घटना के बाद यह विदेशी पर्यटक बिना ताजमहल का भ्रमण किए ही लौट गई। जानकारी के अनुसार, दक्षिण कोरिया की किम मेह अपने साथी के साथ रविवार सुबह ताजमहल पहुंची थी। दोनों ने पहले से ऑनलाइन टिकट बुक कर रखे थे। उन्हें बताया गया कि विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट विंडो के पास स्थित काउंटर से निःशुल्क शू-कवर और पानी की बोतल मिलती है। इसी दौरान उनका साथी काउंटर पर चला गया, जबकि किम मेह सीढ़ियों के पास उसका इंतजार कर रही थीं। इसी बीच अचानक एक बंदर वहां पहुंचा और महिला के दाहिने हाथ पर हमला कर दिया। बंदर के काटते ही उनके हाथ से खून बहने लगा। किम की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने बंदर को वहां से भगाया, लेकिन तब तक पर्यटक घायल हो चुकी थी। घटना के बाद पर्यटक और उसके साथी ने तत्काल एंबुलेंस की मांग की। मौके पर मौजूद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के कर्मचारियों ने एंबुलेंस चालक को फोन किया। करीब एक घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। घायल महिला की हालत देखते हुए उसे ताजमहल परिसर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद भी एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर बैटरी कार से शांति मांगलिक अस्पताल भेजा गया।बताया गया कि घटना के बाद विदेशी पर्यटक ताजमहल का भ्रमण किए बिना ही वापस लौट गया। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल पर्यटक सुरक्षा बल्कि आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के दो वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में घायल महिला के हाथ से खून बहता दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा वीडियो उसकी पीड़ा और उपचार के लिए भटकने की स्थिति को दर्शाता है। वीडियो में स्थानीय लोग भी ताजमहल परिसर में बंदरों के बढ़ते आतंक पर चिंता जताते हुए उन्हें पकड़ने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि ताजमहल परिसर में बंदरों का आतंक कोई नई समस्या नहीं है। इससे पहले भी कई भारतीय और विदेशी पर्यटक बंदरों के हमले का शिकार हो चुके हैं। बंदर अक्सर पर्यटकों के हाथ से खाने-पीने का सामान छीन लेते हैं और कई बार हमला कर उन्हें घायल भी कर देते हैं। इसके बावजूद इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा सके हैं। दुनिया भर से आने वाले लाखों पर्यटकों के बीच ऐसी घटनाएं आगरा की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी प्रभावित करती हैं।

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