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शिवपुरी में शिकार-आगरा में सौदा, 10 तेंदुओं की खाल के साथ अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्कर गिरोह गिरफ्तार, रिपोर्टशंकर देव तिवारी

*शिवपुरी में शिकार-आगरा में सौदा, 10 तेंदुओं की खाल के साथ अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्कर गिरोह गिरफ्तार*

 

आगरा। आगरा के थाना सैंया क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा वन प्रभाग, आगरा पुलिस और वाइल्डलाइफ एसओएस की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त टीम ने एक होटल में छापेमारी कर 10 तेंदुओं (लेपर्ड) की खाल के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को वन्यजीव अपराध के खिलाफ हाल के समय की सबसे महत्वपूर्ण सफलताओं में माना जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह की गतिविधियों पर पिछले करीब तीन महीने से लगातार नजर रखी जा रही थी। आरोपियों तक पहुंचने के लिए टीम ने ग्राहक बनकर तेंदुए की खाल खरीदने की योजना बनाई। जब सौदा तय हुआ तो आरोपियों को सैंया क्षेत्र के एक होटल में बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद संयुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सतपाल नाथ निवासी फरीदाबाद (हरियाणा), भोगीराम आदिवासी निवासी शिवपुरी (मध्य प्रदेश), गब्बर निवासी मुरैना (मध्य प्रदेश) और भगत सिंह निवासी हरियाणा के रूप में हुई है। इनके कब्जे से 10 तेंदुओं की खाल बरामद की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि तेंदुओं का शिकार मध्य प्रदेश के शिवपुरी क्षेत्र में किया गया था। इसके बाद उनकी खाल और सिर विभिन्न राज्यों के रास्ते आगरा लाए गए, जहां उनकी खरीद-फरोख्त की तैयारी चल रही थी। हालांकि वन विभाग अभी इस पूरे खुलासे की आधिकारिक पुष्टि और जांच कर रहा है। वन विभाग और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं, शिकार कहां-कहां किया गया, खालों की सप्लाई किस नेटवर्क के जरिए होती थी और इन्हें किन खरीदारों तक पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों में सक्रिय वन्यजीव तस्करी सिंडिकेट से जुड़े हैं या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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