राजघाट परियोजना में श्रमिक उत्पीड़न के आरोप, भारतीय मजदूर संघ ने खोला मोर्चा
अनुभवी कर्मचारियों के तबादले, वेतन कटौती, आउटसोर्सिंग और संगठन पर दबाव का विरोध
झांसी। राजघाट बांध परियोजना, चंदेरी, जनपद ललितपुर में कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न, अनावश्यक स्थानांतरण, वेतन कटौती, अनुभवी स्थायी कर्मचारियों का कार्य संविदा/आउटसोर्स कर्मियों को सौंपने तथा कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों पर दबाव बनाए जाने के मामलों को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ ने मुख्य अभियंता, बेतवा नदी परिषद को ज्ञापन भेजकर सभी मामलों में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख चन्द्र कांत चतुर्वेदी ने बताया कि आराम सिंह कुशवाहा, जो वर्षों से राजघाट बांध के गेट संचालन का महत्वपूर्ण कार्य पूरी दक्षता से कर रहे हैं, का स्थानांतरण झांसी किया जा रहा है। उनके स्थान पर चार नए संविदा कर्मियों को लगाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी प्रकार बेलदार फूल सिंह यादव का भी स्थानांतरण किए जाने पर संघ ने सवाल उठाया है। संघ का कहना है कि अनुभवी स्थायी कर्मचारियों को हटाकर अनुभवहीन संविदा कर्मियों को महत्वपूर्ण कार्य सौंपना प्रशासनिक एवं श्रमिक हितों के विपरीत है।
संघ ने धन्नूलाल रजक का अगस्त 2026 का संपूर्ण वेतन काटे जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। संघ ने वेतन कटौती का आधार स्पष्ट करने और लंबित वेतन तत्काल जारी करने की मांग की है।
इसी क्रम में एलडीसी राजेश कुमार जैन का कार्य/चार्ज वापस लेकर आउटसोर्स कर्मचारी को सौंपे जाने की कार्रवाई का भी विरोध किया गया है। संघ ने कहा कि बिना किसी शिकायत के कुशलतापूर्वक कार्य कर रहे कर्मचारी से काम लेकर आउटसोर्स कर्मचारी को देना उचित नहीं है।
















