निलंबन का ढोल,आदेश गोल—मेडिकल कॉलेज में कार्रवाई या सिर्फ “लॉलीपॉप”? रिपोर्ट अंशुल शर्मा

एटा ब्रेकिंग:-
निलंबन का ढोल,आदेश गोल—मेडिकल कॉलेज में कार्रवाई या सिर्फ “लॉलीपॉप”?

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पत्रकार-डॉक्टर विवाद में डॉ. मुकेश परमार को निलंबित करने का दावा,लेकिन अब तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं,कार्रवाई पर खड़े हुए गंभीर सवाल।

आउटसोर्सिंग से नियुक्त डॉक्टर पर निलंबन की कार्यवाही,जबकि नियमों के तहत संविदा समाप्त या बर्खास्तगी होनी चाहिए—प्रबंधन की मंशा पर भी उठे सवाल।

विवादित डॉक्टर को पूर्व में अवैध वसूली और मरीजों को निजी अस्पताल भेजने के आरोप में कई बार हटाए जाने के बावजूद दोबारा तैनाती,आखिर संरक्षणदाता कौन?

तीन-तीन निजी अस्पताल संचालित होने की जानकारी के बाद भी जिम्मेदारों की चुप्पी,आखिर क्यों?

प्राचार्य का मौखिक फरमान—मेडिकल कॉलेज में पत्रकारों की एंट्री और जानकारी पर रोक,क्या छुपाए जा रहे हैं अंदर के “काले कारनामे”?

सूत्रों के अनुसार अवैध वसूली, प्राइवेट रेफर और दो दिन ड्यूटी के बदले पुरे माह की सैलरी में हिस्सेदारी जैसे गंभीर खेलों की चर्चा तेज।

मेडिकल कॉलेज की इस मौखिक कार्रवाई पर उठे तीखे सवाल…

 

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