*भारतीय मीडिया फाउंडेशन का बड़ा निर्णय: संगठन में होगा आमूल-चूल परिवर्तन, सक्रिय पत्रकारों को मिलेगी अग्रिम पंक्ति में जगह*
*जिला अध्यक्षों को निर्देश: तैयार करें सक्रिय पदाधिकारियों का डेटाबेस, जिलेवार होगी पुनर्नियुक्ति*
सिम्मी भट्टी की खास रिपोर्ट।
नई दिल्ली/संवाददाता।
देश भर में पत्रकार सुरक्षा और मीडिया कर्मियों के हक की लड़ाई लड़ने वाले अग्रणी संगठन ‘भारतीय मीडिया फाउंडेशन’ (BMF) नेशनल ने अपने सांगठनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। संगठन की नेशनल कोर कमेटी ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए सभी जिला अध्यक्षों से अपने-अपने जिलों में सक्रिय पदाधिकारियों का अद्यतन रजिस्टर तैयार करने को कहा है।
राष्ट्रीय नेतृत्व की अपील: कर्मठ साथियों को प्राथमिकता,
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी एवं प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सेल के राष्ट्रीय चेयरमैन निशाकांत शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य उन साथियों को आगे लाना है जो निस्वार्थ भाव से मिशन को समझ रहे हैं और धरातल पर कार्य कर रहे हैं। जिला अध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे निष्क्रिय सदस्यों के स्थान पर नई ऊर्जावान टीम का गठन करें।
पत्रकारिता के लिए नए नैतिक मापदंड तय
इस पुनर्गठन के साथ ही, संगठन ने अपने समस्त मीडिया अधिकारियों, एवं पदाधिकारियों और सदस्यों के लिए ‘पत्रकारिता के नैतिक मापदंड’ निर्धारित किए हैं। संगठन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि:
सत्यता एवं निष्पक्षता: प्रत्येक सदस्य को समाचार संकलन में पूर्ण सत्यता और निष्पक्षता बनाए रखनी होगी। भ्रामक या असत्यापित खबरों को स्थान नहीं दिया जाएगा।
जन-सरोकार का मिशन: पत्रकारिता का प्राथमिक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बनना और जन-समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है।
अनुशासन एवं मर्यादा: संगठन के सभी सदस्यों के लिए अपनी व्यक्तिगत पहचान और पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखना अनिवार्य है। पद का उपयोग केवल जनहित के कार्यों और संगठन के मिशन को बढ़ावा देने के लिए ही किया जाना चाहिए।
जिम्मेदारी का निर्वहन: पत्रकारिता को ‘चौथा स्तंभ’ मानते हुए सभी सदस्यों को संवैधानिक मर्यादाओं और पत्रकार आचार संहिता (Code of Ethics) का कड़ाई से पालन करना होगा।
पुनर्नियुक्ति और दस्तावेजीकरण
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि:
कार्यक्षमता की समीक्षा: जिला स्तर पर पदाधिकारियों की सक्रियता का मूल्यांकन किया जाएगा।
नवीन परिचय: जो सदस्य संगठन के मापदंडों पर खरे उतरेंगे, उन्हें नए सिरे से नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) और नवीन आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे।
संगठनात्मक सक्रियता: यह प्रक्रिया संगठन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जन-हितैषी बनाने के लिए अनिवार्य है।
जिला अध्यक्षों के लिए स्पष्ट संदेश,
कोर कमेटी ने आगाह किया है कि जिला अध्यक्ष पारदर्शिता बरतें और केवल उन्हीं लोगों को अग्रिम पंक्ति में जोड़ें जो वास्तव में धरातल पर सक्रिय हैं। संगठन का मानना है कि पत्रकार सुरक्षा और मीडिया जगत के सर्वांगीण विकास के लिए एक अनुशासित, शिक्षित और नैतिक पत्रकार ही एकमात्र आधार है।
नोट: सभी जिला अध्यक्षों से अनुरोध है कि वे अपने जिले के सक्रिय पदाधिकारियों की विस्तृत सूची और संगठन के मिशन के अनुरूप उनकी कार्य-रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर मुख्यालय को प्रेषित करें।






