NIOS परीक्षा केंद्रों पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर क़दम उठायें सरकार- अंशुमान मिश्रा

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रिपोर्ट – ममलेश मिश्रा (प्रबंध संपादक -बीएमएफ न्यूज़ नेटवर्क)

नई दिल्ली, 3 फरवरी 2025 – राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) की परीक्षाओं में बढ़ते भ्रष्टाचार और नकल के मामलों को लेकर अंशुमान मिश्रा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने NIOS के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा को पत्र लिखकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और भ्रष्ट परीक्षा केंद्रों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

NIOS परीक्षा केंद्रों पर भ्रष्टाचार के खिलाफ अंशुमान मिश्रा का कठोर कदम

अंशुमान मिश्रा ने पत्र में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ परीक्षा केंद्र पैसों के बदले नकल करवाने में लिप्त हैं, जिससे मेहनती और ईमानदार छात्रों के अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था की साख पर गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में पड़ सकता है।

उन्होंने कहा, “नकल और भ्रष्टाचार केवल परीक्षा प्रणाली को कमजोर नहीं करते, बल्कि शिक्षा की मूल भावना को नष्ट कर देते हैं। यह ईमानदार छात्रों के लिए अन्याय है और शिक्षा व्यवस्था की साख को धूमिल करता है।”

भ्रष्टाचार रोकने के लिए ठोस सुझाव

NIOS की परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए अंशुमान मिश्रा ने पांच प्रमुख सुझाव दिए हैं:

अचानक निरीक्षण और कड़ी निगरानी:

परीक्षा केंद्रों पर बिना पूर्व सूचना के विशेष जांच दल भेजे जाएं।

बाहरी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति हो, जो निष्पक्षता से परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करें।

CCTV निगरानी अनिवार्य:

प्रत्येक परीक्षा हॉल में CCTV कैमरे लगाए जाएं और लाइव मॉनिटरिंग की जाए।

परीक्षा फुटेज की समीक्षा कर गड़बड़ियों का पता लगाया जाए।

भ्रष्ट परीक्षा केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई:

दोषी परीक्षा केंद्रों को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए।

नकल में शामिल संचालकों और कर्मियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

छात्रों और अभिभावकों के लिए शिकायत तंत्र:

भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करने के लिए गोपनीय हेल्पलाइन और ईमेल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

शिकायतों के समाधान की पारदर्शी प्रक्रिया लागू की जाए।

परीक्षा स्टाफ का निष्पक्ष चयन:

परीक्षा केंद्रों पर तैनात होने वाले स्टाफ का यादृच्छिक (रैंडम) आधार पर चयन हो, जिससे अंदरूनी मिलीभगत रोकी जा सके।

प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाए।

अप्रैल 2025 की परीक्षा में पारदर्शिता की मांग

अंशुमान मिश्रा ने अनुरोध किया कि अप्रैल 2025 में होने वाली NIOS परीक्षाओं को पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाए ताकि कोई भी छात्र पैसे देकर नकल का सहारा न ले सके। उन्होंने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि नैतिकता और ईमानदारी को बढ़ावा देना भी है। अगर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं लाई गई, तो मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा और शिक्षा व्यवस्था अपनी गरिमा खो देगी।”

अब फैसला NIOS प्रशासन को लेना है

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या NIOS प्रशासन इस भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाएगा या शिक्षा माफिया इसी तरह नकल के खेल को बढ़ावा देते रहेंगे?

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