बटेश्वर में गाड़ी की पूजा से पहले यमुना में डूबने से मौत । परिजनों में कोहराम
बाह (आगरा)बटेश्वर तीर्थ में नई केंटर गाड़ी का पूजन कराने आए मैनपुरी के एक परिवार पर सोमवार को दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। तीर्थ स्थल पर खुशी-खुशी पहुंचे परिजनों की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब यमुना नदी में नहाते समय 22 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। गाड़ी का पूजन होने से पहले ही हुए इस हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया और बिना किसी अनुष्ठान के ही परिजन शव लेकर वापस लौट गए।
मैनपुरी निवासी गाड़ी मालिक संजीव सोमवार को करीब दो दर्जन महिला-पुरुषों के साथ अपनी नई केंटर गाड़ी का पूजन कराने के लिए बटेश्वर आए थे। पूजन से पूर्व सभी ने यमुना में स्नान करने का फैसला किया। इस दौरान कुछ लोग स्टीमर से नदी के उस पार चले गए, जबकि कुछ ने घाट पर ही स्नान शुरू कर दिया। दोपहर करीब ढाई बजे थाना ओरछा के दलीप पुर निवासी सुरेश के 22 वर्षीय बेटे विकास का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जाकर डूबने लगा। उसे डूबता देख घाट पर चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे। गोताखोरों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम साढ़े चार बजे विकास का शव यमुना से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन परिजनों ने लिखित अनुरोध कर पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भर शव परिजनों को सौंप दिया।
इस हादसे के बाद विकास की बूढ़ी मां पर जो गुजरी, उसे देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। बेटे का शव देखते ही वह अचेत हो गई और करीब आधे घंटे तक बेहोश रही। पानी के छींटे मारने पर उसे होश तो आया, लेकिन उसका विलाप थमा नहीं। परिजनों ने बताया कि विकास चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। परिवार के लिए यह पहला सदमा नहीं है; इससे पहले होली पर सड़क हादसे में सबसे छोटे भाई विशाल की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे भाई शीलू ने बीमारी के कारण दम तोड़ दिया था। अब विकास की मौत के बाद चार भाइयों में केवल सबसे बड़ा भाई बंटू ही जीवित बचा है। जिस उत्साह के साथ परिवार पूजन के लिए आया था, वह पल भर में मातम में बदल गया और गाड़ी बिना पूजन के ही वापस ले जानी पड़ी।









