*सरयू की तेज धारा में बह रहे युवक को SDRF ने 3 किलोमीटर पीछा कर बचाया*
(रात के अंधेरे में SDRF के जवानों ने दिखाई अदम्य साहस और तत्परता, गुप्तार घाट से कूदा था युवक)
(दो रेस्क्यू बोट लेकर विपरीत दिशा में दौड़ी टीम, करीब 3 किलोमीटर दूर नदी की धारा से युवक को सकुशल निकाला
- *अयोध्या।* सरयू नदी की तेज धारा और रात के अंधेरे के बीच SDRF उत्तर प्रदेश के जवानों ने एक बार फिर अपनी कर्तव्यनिष्ठा, साहस और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए एक युवक की जान बचा ली। एसडीआरएफ के कमान्डेट श्याम नरायण सिंह ने आगे बताया कि घाट पर लाइव रेस्क्यू ड्यूटी पर तैनात SDRF की टीम को जैसे ही सूचना मिली कि एक व्यक्ति गुप्तार घाट से सरयू नदी में कूद गया है और पानी की तेज धारा में बहता हुआ नया घाट की ओर आ रहा है, जवान तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए।घटना 06 सितंबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे की है। SDRF की टीम नया घाट, अयोध्या में नियमित लाइव रेस्क्यू ड्यूटी का संपादन कर रही थी। इसी दौरान चौकी प्रभारी नया घाट ने टीम को सूचना दी कि एक व्यक्ति गुप्तार घाट से नदी में कूद गया है और वह तेज बहाव के साथ नया घाट की ओर बह रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू की तैयारी शुरू कर दी।
*गुप्तार घाट की ओर विपरीत दिशा में दौड़ीं दोनों रेस्क्यू बोट*
सूचना की गंभीरता को देखते हुए दलनायक सुभाष चंद्र मिश्र के नेतृत्व में ड्यूटी पर तैनात SDRF की दोनों रेस्क्यू बोट तत्काल नदी में उतारी गईं। युवक जिस दिशा में बह रहा था, उसके विपरीत दिशा में टीम ने गुप्तार घाट की ओर तेजी से अभियान शुरू किया।रात के अंधेरे में नदी की तेज धारा के बीच SDRF जवानों ने करीब 3 किलोमीटर तक रेस्क्यू बोट दौड़ाईं। जवान लगातार नदी की धारा में बह रहे युवक की तलाश करते रहे। आखिरकार टीम को युवक दिखाई दिया, जिसके बाद जवानों ने अत्यंत सावधानी और सूझबूझ के साथ उसे नदी से बाहर निकाल लिया।
*सकुशल बाहर निकाला गया युवक*
रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान प्रीतम पुत्र श्रीभगवान, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी निषाद नगर रेतिया, थाना कैंट, जनपद अयोध्या के रूप में हुई है। SDRF की तत्परता के चलते युवक को नदी की तेज धारा से सकुशल बाहर निकाल लिया गया।बताया गया कि नया घाट स्थित SDRF ड्यूटी स्थल से गुप्तार घाट की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है। ऐसे में रात के समय सूचना मिलते ही टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करना और नदी में करीब तीन किलोमीटर विपरीत दिशा में जाकर युवक को तलाश कर सुरक्षित निकालना SDRF जवानों की तत्परता और रेस्क्यू दक्षता को दर्शाता है।
*रात के अंधेरे में जोखिम उठाकर बचाई जिंदगी*
सरयू नदी में रात के समय रेस्क्यू करना अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य माना जाता है। अंधेरा, तेज बहाव और नदी की परिस्थितियां रेस्क्यू टीम के लिए जोखिम बढ़ा देती हैं। इसके बावजूद SDRF के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तत्काल मोर्चा संभाला और युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF टीम की त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय और साहस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यदि समय रहते टीम मौके पर नहीं पहुंचती तो तेज बहाव के कारण युवक के साथ गंभीर हादसा हो सकता था।
*SDRF की कार्यशैली की आमजन ने की सराहना*
रात्रि के समय चलाए गए इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों और आमजन ने SDRF उत्तर प्रदेश की टीम की जमकर सराहना की। लोगों ने कहा कि नदी में किसी व्यक्ति के बहने की सूचना मिलते ही जिस तेजी से SDRF के जवानों ने कार्रवाई की, वह सराहनीय है।SDRF जवानों की तत्परता ने एक बार फिर साबित किया कि आपदा और संकट की घड़ी में हर पल कीमती होता है। सूचना मिलते ही तत्काल नदी में उतरकर करीब तीन किलोमीटर तक युवक की तलाश करना और उसे सकुशल बाहर निकालना SDRF की मुस्तैदी और मानवीय सेवा भावना का उदाहरण है।















