*जयकारों की गूंज के बीच रवाना हुई यात्रा*
*(पवित्र स्थान गुरुद्वारा नानकमत्ता व गुरुद्वारा रीठा साहिब के लिए संगतें रवाना हुई)*
आगरा। आगरा नगर की सामाजिक व धार्मिक संस्था सुखमनी सेवा सभा द्वारा आयोजित पावन यात्रा गुरुद्वारा नानकमत्ता व गुरुद्वारा रीठा साहिब के लिए करीब 60 लोगों का जत्था दो बसों द्वारा गुरुद्वारा गुरु का ताल से रवाना हुआ। सर्वप्रथम अमृतवेले गुरु संगतों ने गुरु ग्रंथ साहिब जी को नमन किया उसके बाद संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने गुरुद्वारा भौरा साहिब में अरदास करके संगतो को विदाई दी। चाय पानी का प्रसाद ग्रहण करने के बाद संगत जयकारों की गूंज के बीच रवाना हुई। सर्वप्रथम श्री गुरु नानक देव जी के पावन स्थान नानकमत्ता साहिब जी जो उत्तराखंड में स्थित है। वहां संगत दर्शन करेंगी उसके बाद गुरुद्वारा रीठा साहिब जहां गुरु नानक देव जी ने रीठा मीठा किया था पहाड़ों की प्यारी वादियों में स्थित यह पावन स्थान जो कि अपने आप में एक खूबसूरती की मिसाल है इस पावन स्थान के दर्शन करके तीसरे दिन संगत भीमताल रुकेगी वहां के कुदरत के नजारों को देखते हुए रात्रि विश्राम करके 10 तारीख को शाम को वापस आगरा पहुंचेंगी संगतों का जोश और प्यार देखते ही बनता था। मुख्य रूप से सुखमनी सेवा सभा के वीर महेंद्र पाल सिंह,गुरु सेवक श्याम भोजवानी, सरदार जसविंदर सिंह, सतपाल सिंह बत्रा,मोहित वयानी,बलविंदर सिंह,मक्करअरविंद सिंह पप्पी, बिट्टू चावला, विकास वयानी,सुरजीत सिंह सग्ग़ू,
गुरमुख मुखी,योगेश गोरु,रूप किशोर , गुरुदीप लूथरा द्वारा मिलकर किया गया। 2/2 की सुंदर बसों द्वारा यह यात्रा शुरू हुई और समूह संगत एक पारिवारिक माहौल में यहां से रवाना हुई।















