*बीज वितरण में नई व्यवस्था लागू—अब बुकिंग व ई-लॉटरी से होगा लाभार्थियों का चयन*
*एटा 24 अप्रैल 2026(सू0वि0)।* प्रदेश शासन के निर्देशानुसार जनपद एटा में कृषकों को राज्य पोषित एवं केंद्र पोषित योजनाओं के अंतर्गत वितरित किए जाने वाले सभी प्रकार के बीज (संकर, प्रमाणित एवं मिनीकिट) का वितरण अब “पहले आओ-पहले पाओ” प्रणाली के स्थान पर बुकिंग एवं ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
उप कृषि निदेशक, एटा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस नई व्यवस्था के अंतर्गत केवल फार्मर आईडी (Farmer ID) धारक कृषक ही विभागीय पोर्टल पर निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। बुकिंग के पश्चात लाभार्थियों का चयन पूर्णतः पारदर्शी तरीके से ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा, जिससे निष्पक्षता और समान अवसर सुनिश्चित हो सके।
बुकिंग की समयावधि (फसलवार):
खरीफ फसलें: 15 अप्रैल से 10 मई, तोरिया: 15 अगस्त से 30 अगस्त, रबी दलहन/तिलहन: 20 अगस्त से 20 सितम्बर, जायद फसलें: 15 जनवरी से 10 फरवरी
उन्होंने बताया कि बीज मिनीकिट के लक्ष्य संबंधित योजनाधिकारियों द्वारा पोर्टल पर निर्धारित समय-सीमा में फीड किए जाएंगे तथा उप कृषि निदेशक द्वारा विकास खंडवार लक्ष्य आवंटित किए जाएंगे। यदि किसी विकास खंड में लक्ष्य के सापेक्ष बुकिंग कम प्राप्त होती है, तो आवश्यकतानुसार लक्ष्य का पुनर्विन्यास किया जा सकेगा। इसी प्रकार जनपद स्तर पर भी आवश्यकता अनुसार लक्ष्य में परिवर्तन संभव होगा।
यदि किसी फसल के लिए बुकिंग निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्राप्त होती है, तो चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। वहीं, बुकिंग कम होने की स्थिति में शेष लक्ष्य के अनुरूप पोर्टल पर बुकिंग निरंतर खुली रखी जाएगी तथा पात्र कृषकों को ऑटो-कन्फर्म किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर पुनः ई-लॉटरी भी कराई जा सकेगी।
कृषकों की सुविधा के लिए विभिन्न फसलों के बीज की मात्रा एवं पैकेजिंग साइज वैज्ञानिक संस्तुति के अनुसार एकरूप निर्धारित किए गए हैं, जिससे सभी योजनाओं में समानता सुनिश्चित हो सके। बुकिंग की अंतिम तिथि के पश्चात उप कृषि निदेशक द्वारा 02 कार्य दिवस के भीतर, लक्ष्य से अधिक बुकिंग होने की स्थिति में ई-लॉटरी कराई जाएगी।
अधिकाधिक कृषकों को लाभान्वित करने हेतु यह भी प्रावधान किया गया है कि किसी कृषक को एक ही फसल पर अनुदान का लाभ लगातार वर्षों में नहीं दिया जाएगा। संबंधित फसल पर पुनः अनुदान प्राप्त करने के लिए कम से कम एक वर्ष का अंतराल (Alternate Year) अनिवार्य होगा।
जनपद स्तर पर उप कृषि निदेशक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है, जबकि बीज की उपलब्धता एवं वितरण की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला कृषि अधिकारी की होगी।
जनपद के समस्त कृषकों से अपील की जाती है कि वे समय रहते अपनी Farmer ID बनवाकर विभागीय पोर्टल पर निर्धारित तिथियों में बीज बुकिंग करें तथा इस पारदर्शी एवं किसान हितैषी व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाएं।




