*करुणा प्रेम और सह-अस्तित्व का सजीव उत्सव – मानव एकता दिवस*
*एटा , 24 अप्रैल, 2026:-* संत निरंकारी मिशन के तत्वाधान सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज एवं राज पिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से 24 अप्रैल 2026 को मानव एकता दिवस सत्संग का आयोजन रेलवरोड स्थित अतिथि निवास गेस्ट हाउस मे हुआ। यहाँ पर आगरा से पधारी बहन जय श्री जी ने बाबा गुरबचन सिंह ज़ी की शिक्षाओं को बताते हुए कहा युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी ने सत्य, सरलता और सद्भावना का मार्ग दिखाते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने और ऊर्जा को समाजसेवा में लगाने की प्रेरणा दी। बाबा हरदेव सिंह जी ने “रक्त नाड़ियों में बहे, नालियों में नहीं” का संदेश देकर सेवा को जीवन का अनिवार्य अंग बनाया, जिसे सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज निरंतर आगे बढ़ा रही हैं।
आपने बताया की जब हृदय में करुणा, प्रेम और एकत्व की दिव्य चेतना जागृत होती है, तब मानव अपने सीमित स्वार्थों से ऊपर उठकर सम्पूर्ण सृष्टि के कल्याण का सशक्त माध्यम बन जाता है। परोपकार, करुणा और परमार्थ जैसे अलौकिक मूल्यों से प्रकाशमान यह पावन अवसर उस दिव्य अनुभूति का प्रतीक बना, जहाँ “मानव को मानव हो प्यारा, एक-दूजे का बने सहारा” का संदेश केवल शब्दों तक सीमित न रहकर हृदयों में जीवंत हुआ।
संगत इंचार्ज सेवा राम जी ने बतया की ‘मानव एकता दिवस’ 24 अप्रैल को, बाबा गुरबचन सिंह जी की दिव्य स्मृति में, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता जी के सान्निध्य में दिल्ली के ग्राउंड नं. 8 में भी आयोजित हुआ। इसी श्रृंखला मे एटा शहर के अवागढ़,कलियान- पुर , जलेसर, निधोली, जैथरा, धुमरी अलीगंज आदि अनेक स्थानों से सैकड़ो निरंकारी संत एटा मे एकत्रित हुए। साथ ही समूचे देश की हजारों सत्संग केंद्रो पर श्रद्धा और समर्पण भाव से मानव एकता दिवस सत्संग का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और निष्काम सेवा का जीवंत स्वरूप बनकर उभरा।
संत निरंकारी मण्डल के सचिव आदरणीय श्री जोगिन्दर सुखीजा ने जानकारी देते हुए बताया कि समूचे भारतवर्ष के लगभग 200 स्थानों पर रक्तदान शिविरों का सफल आयोजन किया गया; जिससे लगभग 40,000 यूनिट रक्त संकलित किया गया, जो निष्काम सेवा, परोपकार और मानवता के प्रति समर्पण की जीवंत अभिव्यक्ति बनकर उभरा।
युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी की स्मृति में यह दिवस वर्षभर चलने वाली सेवा-सरिता का शुभारंभ है, जिसके अंतर्गत देशभर में लगभग 705 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे; जो करुणा और एकत्व की भावना को निरंतर सुदृढ़ करेंगे।
उल्लेखनीय है कि रक्तदान की यह पावन परंपरा पिछले चार दशकों से निरंतर जारी है। अब तक 9,174 रक्तदान शिविरों के माध्यम से लगभग 15,00,230 यूनिट रक्त संकलित किया जा चुका है, आगामी सितम्बर 2026 में निरंकारी मिशन की ब्रांच एटा मे भी रक्तदान शिविर का आयोजन होगा।जो मानव सेवा के प्रति निरंकारी मिशन की अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।







