*निधौली ब्लॉक के गांव गढ़वाला में सड़क निर्माण में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग का महा भ्रष्टाचार*
*लापरवाही की इंतहा: गिट्टी के ऊपर नाममात्र की बजरी, सैकड़ों ट्रैक्टर मिट्टी मिलाकर तैयार किया जा रहा घटिया मिक्सर*
*कैमरा देखते ही हड़कंप: मौके पर भास्कर टीम को देखते ही नौ दो ग्यारह हुआ ठेकेदार गौरव चौहान उर्फ लोकेंद्र*
एटा (दैनिक भास्कर)।
सरकार गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़कर विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपये का बजट पानी की तरह बहा रही है, लेकिन एटा में जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार मिलकर इस विकास की नींव में ही ‘घोटाले की मिट्टी’ भरने पर तुले हैं। ताजा मामला निधौली ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले गांव गढ़वाला का है। यहां ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (RES) द्वारा ग्रामीणों के आवागमन के लिए सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें खुलेआम भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी गई हैं। मानकों को ताक पर रखकर सड़क की नींव में लाल बजरी की जगह धड़ल्ले से मिट्टी मिलाई जा रही है। ग्रामीणों की मानें तो इस घटिया निर्माण के चलते यह सड़क दो से चार महीने भी नहीं टिक सकेगी।
*गिट्टी पर बजरी नदारद, सैकड़ों ट्रैक्टर मिट्टी से पाट दी सड़क*
सड़क निर्माण के तय मानकों के अनुसार गिट्टी बिछाने के बाद उसकी मजबूत पकड़ (बाइंडिंग) के लिए अच्छी गुणवत्ता की लाल बजरी की पर्याप्त परत बिछाई जाती है। गढ़वाला गांव में स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। ग्रामीणों ने जब काम को नजदीक से देखा तो उनके होश उड़ गए। ठेकेदार द्वारा लाल बजरी तो केवल नाममात्र के लिए मंगाई गई, जबकि सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली खेतों की सामान्य मिट्टी लाकर सड़क पर उड़ेल दी गई। मौके पर बाकायदा लाल बजरी और मिट्टी को मिलाकर एक सस्ता और बेहद घटिया मिक्सर तैयार किया जा रहा था, जिसे रोड रोलर से दबाकर सड़क की औपचारिकता पूरी की जा रही थी।
*विरोध करने पर ठेकेदार की हेकड़ी: ‘काम तो ऐसे ही होगा, जहां जाना है जाओ’*
जब गांव के जागरूक लोगों ने इस घटिया सामग्री और मिट्टी के खेल को पकड़ लिया और निर्माण कार्य का विरोध किया, तो ठेकेदार गौरव चौहान उर्फ लोकेंद्र कुमार अपनी मनमानी पर उतर आया। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने गलती सुधारने के बजाय उल्टे उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। ठेकेदार ने ग्रामीणों को दो टूक लहजे में कहा—”हमारे द्वारा तो यहां निर्माण कार्य ऐसे ही कराया जाएगा। आपको जो कुछ करना है, कर लीजिए और जहां भी शिकायत करनी है, कर आइए। काम नहीं रुकेगा।” ठेकेदार की इस दबंगई से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
*भास्कर टीम को देखते ही ठेकेदार हुआ नौ दो ग्यारह*
ग्रामीणों की सूचना पर जब दैनिक भास्कर की पड़ताल टीम जमीनी हकीकत परखने गांव गढ़वाला पहुंची, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। सड़क पर लाल बजरी के नाम पर मिट्टी का ढेर लगा था और मजदूर धड़ल्ले से मिट्टी का मिक्सर तैयार करने में जुटे थे। जैसे ही ठेकेदार गौरव चौहान और उसके गुर्गों की नजर भास्कर टीम और कैमरों पर पड़ी, मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अपनी काली करतूत कैमरे में कैद होते देख ठेकेदार बिना कुछ बोले चुपचाप मौके से नौ दो ग्यारह हो गया। इसके बाद मजदूरों ने भी काम रोक दिया।
*दैनिक भास्कर के बड़े सवाल*
4 महीने भी नहीं टिकेगी यह सड़क, पहली बारिश में बह जाएगा पैसा
सड़क निर्माण के जानकारों का कहना है कि सड़क की उम्र उसकी नींव की मजबूती पर निर्भर करती है। गिट्टी के बीच खाली जगह को भरने के लिए डस्ट या बजरी का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि पानी नीचे न जाए और डामर की पकड़ मजबूत रहे।
* जब बजरी की जगह मिट्टी मिला दी जाती है, तो पहली ही बारिश में मिट्टी बह जाती है या दलदल बन जाती है।
* भारी वाहनों का पहिया पड़ते ही सड़क नीचे धंस जाएगी और गिट्टियां बिखरने लगेंगी।
* जिस सड़क के निर्माण में लाखों-करोड़ों का बजट खर्च दिखाया जाएगा, उसकी उम्र मात्र 2 से 4 महीने ही रह जाएगी।
पक्ष:
> “मामला संज्ञान में आया है। सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गढ़वाला गांव में हो रहे निर्माण कार्य की तत्काल जांच कराई जाएगी। यदि लाल बजरी की जगह मिट्टी मिलाने और मानकों की अनदेखी की पुष्टि होती है, तो संबंधित ठेकेदार और दोषी अभियंताओं के खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी व विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
> — एम. अरुनमोली, जिलाधिकारी, एटा
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> “हम वर्षों से पक्की सड़क का इंतजार कर रहे थे। अब जब सड़क बन रही है तो उसमें बजरी की जगह सीधी मिट्टी डाली जा रही है। विरोध करने पर ठेकेदार हमें धमकाता है। अगर प्रशासन ने इस पर तुरंत रोक नहीं लगाई और उखाड़कर दोबारा सही सड़क नहीं बनाई, तो हम सभी ग्रामीण जिला मुख्यालय पर धरना देंगे।”
















