*पोषण मिशन के सभी इंडिकेटर्स पर शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करें, बच्चों के सही चिन्हांकन एवं पोषण वितरण की नियमित निगरानी करें: जिलाधिकारी*
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*निधौली कलां एवं अलीगंज में खराब प्रगति पर संबंधित सीडीपीओ का वेतन रोकने के निर्देश, सैम बच्चों के चिन्हांकन एवं एनआरसी में भर्ती पर विशेष जोर*
*एटा, 29 अक्टूबर 2026 (सू0वि0)।* जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में पोषण मिशन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में पोषण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, पोषण वितरण, पोषण ट्रैकर पर फीडिंग तथा विभिन्न निर्धारित इंडिकेटर्स पर ब्लॉकवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य से जुड़े सभी कार्यक्रमों को पूरी गंभीरता के साथ संचालित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण की नियमित एवं प्रभावी निगरानी की जाए तथा पोषण ट्रैकर पर सभी सूचनाओं की समयबद्ध और शुद्ध फीडिंग सुनिश्चित की जाए। पोषण मिशन से संबंधित प्रत्येक इंडिकेटर की नियमित समीक्षा करते हुए प्रगति में सुधार लाया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में निधौली कलां एवं अलीगंज विकासखंड की प्रगति विभिन्न पोषण संबंधी इंडिकेटर्स पर संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) का वेतन रोकने के निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए तथा सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोषण कार्यक्रमों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सैम बच्चों के चिन्हांकन की प्रक्रिया को अत्यंत गंभीरता से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की वास्तविक स्थिति का सही आकलन करते हुए निर्धारित मानकों के अनुसार ही उनका चिन्हांकन किया जाए। यदि किसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा बच्चों की फीडिंग अथवा श्रेणी निर्धारण में गलत आकलन किया जाता है, तो संबंधित को चेतावनी जारी करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। बच्चों को समय से उचित उपचार एवं पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि कुपोषण की स्थिति में प्रभावी सुधार लाया जा सके।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने शहरी बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा समीक्षा के दौरान दिए गए संतोषजनक एवं तथ्यपरक उत्तरों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्यक्षेत्र की प्रगति की अद्यतन जानकारी रखें, समस्याओं का समय से समाधान करें तथा शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पोषण मिशन के उद्देश्यों को केंद्र में रखते हुए आपसी समन्वय से कार्य करें। आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी, पोषाहार वितरण की पारदर्शिता, पोषण ट्रैकर पर शुद्ध आंकड़ों की फीडिंग तथा कुपोषित बच्चों की पहचान एवं उपचार की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, जिससे जनपद में बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित हो सके।
बैठक में एसीएमओ, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), प्रभारी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर तथा खंड विकास अधिकारी अलीगंज, शीतलपुर एवं निधौली कलां सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।जिला सूचना कार्यालय एटा 👆🏻
















