*डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी करने वाले अन्तर्राज्यीय गैंग का खुलासा कर साइबर क्राइम थाना प्रयागराज पुलिस द्वारा 01 अभियुक्त गिरफ्तार, साइबर फ्रॉड से सम्बन्धित 64,61,990/- रूपये बरामद/फ्रीज*
प्रयागराज, दिनांक-26.08.2026 को मुकदमा वादिनी किरन कला पत्नी ब्रजभूषण निवासिनी थाना जार्जटाउन को अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा ब्लूडार्ट कूरियर कंपनी का कर्मचारी व साइबर पुलिस अधिकारी बनकर व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से संपर्क किया गया और उनके नाम से मादक पदार्थ (ड्रग्स) का पार्सल आने व आधार कार्ड संलग्न होने का झूठा दावा करते हुए उन्हें व उनके परिवार को जिंदगी भर जेल में रखने तथा जीवन बर्बाद करने की धमकी देकर मानसिक रूप से आतंकित व डिजिटल अरेस्ट किया गया तत्पश्चात मुकदमे से नाम हटाने एवं कानूनी कार्यवाही से बचाने का झांसा देकर पीड़िता से विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹1,78,60,000/-(एक करोड़ अठहत्तर लाख साठ हजार रुपये) धोखाधड़ीपूर्वक स्थानान्तरित करा लिए गए, जिसके संबन्ध में मुकदमा वादिनी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर दिनांक-01.10.2026 को थाना साइबर क्राइम प्रयागराज पर मु0अ0सं0-58/2026 धारा-318(4), 319(2), 308(6) भा0न्या0सं0 व 66C, 66D IT Act पंजीकृत कर घटना के अनावरण हेतु पुलिस टीम का गठन किया गया ।
पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था, पुलिस उपायुक्त गंगानगर/नोडल साइबर क्राइम के निर्देशन में गठित पुलिस टीम द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों की के0वाई0सी0 (KYC), वित्तीय लेन-देन (Fund Flow) के अवलोकन तथा अभियुक्तों द्वारा डिजिटल अरेस्ट के दौरान उपयोग किए गए मोबाइल नंबरों के सी0डी0आर0 (CDR) एवं कैफ (CAF) विश्लेषण से यह तथ्य प्रकाश में आया कि साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खाता संख्या-50200113234694 अभियुक्त आयुष अवस्थी पुत्र स्व0 मनोज कुमार निवासी ग्राम व पोस्ट सिकंदराबाद थाना नीमगांव जनपद लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश का है, जिसे साइबर क्राइम थाना प्रयागराज पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए रविवार को अभियुक्त के निवास ग्राम से गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी ।
गिरफ्तार अभियुक्त आयुष अवस्थी पुत्र स्व0 मनोज कुमार निवासी ग्राम सिकन्दराबाद थाना नीमगांव जनपद लखीमपुर खीरी, उम्र करीब 29 वर्ष ।
गिरफ्तार अभियुक्त आयुष अवस्थी ने पूछताछ में बताया कि उसकी Skillora Workforce Solutions Private Limited नाम की मैन पॉवर/लेबर सप्लाई फर्म है, जिससे संबंधित HDFC बैंक का करेंट खाता संख्या-50200113234694 है और पूर्व में गुजरात टेंडर के तहत मुंबई में 02 महीने काम करने के बाद काम बंद कर दिया गया था । नवंबर-2025 में गांव के निशांत त्रिवेदी के माध्यम से उसकी मुलाकात पूरनपुर पीलीभीत निवासी राजन शुक्ला से हुई, जिन्होंने साइबर फ्रॉड की रकम आयुष के खाते में डायवर्ट करने पर 10% कमीशन का लालच देकर उसे मुंबई बुलाया । इसी क्रम में दिनांक-06.09.2026 को तीनों फ्लाइट से मुंबई पहुंचे, जहां अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर 07 व 08 सितंबर को मु0अ0सं0-58/2026 की वादिनी के खाते से कुल ₹48,50,000/- ट्रांसफर कराए गए । बैंक स्टेटमेंट की गहन जांच से पाया गया कि इस समयावधि के दौरान अभियुक्त आयुष अवस्थी उपरोक्त व उसके अन्य साथियों द्वारा इसी मॉडस ऑपरेंडी के तहत उत्तराखंड, तमिलनाडु, महाराष्ट्र आदि राज्यों के व्यक्तियों को साइबर स्कैम व डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाकर कुल ₹3,80,00,000/- अन्य बैंक खातों में लेयरिंग हेतु डायवर्ट कर दिया गया । इसके सम्बन्ध में साइबर पुलिस प्रयागराज द्वारा NCRP व SAMANVAYA पोर्टल के माध्यम से संबंधित राज्यों की पुलिस टीमों से सम्पर्क स्थापित कर पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अंतर्राज्यीय पुलिस कोऑर्डिनेशन टीम गठित कर अग्रिम साक्ष्य संकलन, अन्य अभियुक्तों की पहचान व विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
वांछित अभियुक्तों का विवरण निशांत त्रिवेदी पुत्र कृष्णदत्त त्रिवेदी निवासी ग्राम सिकन्दराबाद थाना नीमगांव जनपद लखीमपुर खीरी, उम्र करीब 32 वर्ष । राजन शुक्ला पुत्र राम निवास शुक्ला निवासी दुधिया खुर्द बंजरिया थाना पूरनपुर जनपद पीलीभीत, उम्र करीब 30 वर्ष ।
वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु 03 पुलिस टीमों का गठन किया गया है ।
बरामदगी का विवरण 1,40 लाख की Insurance पॉलिसी (20 लाख रूपये की HDFC LIFE की & 20 लाख रूपये की ADITYA BIRLA SUNLIFE)टोटल Bank Lien अमाउण्ट-24,53,990/- रूपये ।
8,000/- रूपये (करेंट अकाउण्ट)
02 मोबाइल फोन (एक सैमसंग, एक आईफोन)01 चेक बुक ।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
प्र0नि0 राघवेन्द्र सिंह, निरीक्षक मो0 आलमगीर उ0नि0 राहुल कुमार, उ0नि0 दीपक कुमार भाटी,
का0 विवेक सिंह यादव,का0 शिवम दिवाकर,का0 रुप, साइबर क्राइम थाना कमिश्नरेट प्रयागराज ।
पुलिस टीम द्वारा उक्त घटना के सफल अनावरण पर पुलिस आयुक्त द्वारा साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम को नकद 10,000/- रूपये का ईनाम घोषित किया गया ।*















