*मिर्जापुर पुलिस की ‘नंबर वन’ कार्रवाई मिर्जापुर पुलिस की ‘क्विक स्ट्राइक’ बनी मिसाल, अपराधियों में दहशत और कानून में बढ़ा जनता का विश्वास।*
लेखक: एके बिंदुसार, संस्थापक, भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल कोर कमेटी),
*उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में* अधिवक्ता की जघन्य हत्या के मामले में पुलिस द्वारा दिखाई गई तत्परता ने साबित कर दिया है कि यदि खाकी संकल्प ले ले, तो अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून की गिरफ्त से नहीं बच सकता। घटना के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी ने न केवल जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में एक कड़ा संदेश भेजा है।
*मिर्जापुर पुलिस की ‘नंबर वन’ कार्रवाई*
मिर्जापुर पुलिस द्वारा की गई यह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई वास्तव में सराहनीय है। अपराध की सूचना मिलते ही जिस सक्रियता के साथ पुलिस महकमे ने घेराबंदी की और मुठभेड़ के माध्यम से आरोपी को गिरफ्तार किया, वह दर्शाता है कि मिर्जापुर पुलिस की कार्यक्षमता का स्तर इस समय शीर्ष पर है।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन, नेशनल कोर कमेटी की ओर से हम मिर्जापुर के पुलिस अधीक्षक, विवेचना अधिकारी, क्राइम ब्रांच और पूरी पुलिस टीम को इस उत्कृष्ट कार्य (Good Work) के लिए हार्दिक बधाई देते हैं। यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि यदि पुलिस बल को पूरी स्वतंत्रता और तकनीक का साथ मिले, तो उत्तर प्रदेश को ‘अपराध मुक्त’ प्रदेश बनाने का सपना बहुत जल्द साकार हो सकता है।
*’गुड वर्क’ के साथ बढ़ी सतर्कता की आवश्यकता*
मिर्जापुर पुलिस के इस ‘गुड वर्क’ ने अपराधियों की कमर तोड़ी है, लेकिन साथ ही हमें एक विशेष पहलू पर भी ध्यान देना होगा। ऐसी साहसी और त्वरित कार्रवाई करने वाले जांबाज पुलिस अधिकारियों को अक्सर अपराध जगत के कुख्यात तत्वों द्वारा निशाने पर लेने की संभावना बनी रहती है।
हम शासन से मांग करते हैं कि ऐसे जांबाज पुलिसकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जाए। पुलिस का मनोबल तभी बना रहेगा जब उन्हें यह विश्वास होगा कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उनके परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य की है। एक पुलिसकर्मी जब निश्चिंत होता है, तभी वह समाज की रक्षा के लिए अपनी पूरी ऊर्जा लगा सकता है।
*वर्दी का सम्मान, समाज का गौरव*
पुलिस के बीच यह संदेश जाना चाहिए कि समाज और मीडिया उनके साथ है। जब पुलिस निष्पक्षता और निडरता के साथ कार्य करती है, तो पूरा देश उनके समर्थन में खड़ा होता है। मिर्जापुर पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि ‘कानून के राज’ की पुनर्स्थापना है।
हमारी अपील: मिर्जापुर पुलिस का यह जज्बा पूरे प्रदेश के थानों के लिए एक ‘मॉडल’ बनना चाहिए। हम आशा करते हैं कि भविष्य में भी पुलिस इसी निष्पक्षता और सक्रियता के साथ अपना कर्तव्य निभाती रहेगी, जिससे जनता का पुलिस पर अटूट विश्वास बना रहे। भारतीय मीडिया फाउंडेशन इस प्रकार के साहसी कार्यों को हर मंच पर प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।







