*विश्व पर्यटन दिवस विशेष*
*योगी सरकार में संवर रही कांच नगरी, विश्व पर्यटन मानचित्र पर चमका फिरोजाबाद*
*- पिछले छह वर्षों में 346 करोड़ से अधिक की पर्यटन परियोजनाओं से बदली जिले की तस्वीर*
*- उद्योग के साथ अब धार्मिक विरासत, ईको टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन से मिली नई पहचान*
*- ग्लास म्यूजियम, ईको पार्क और बाबा नीम करौली धाम सहित कई पर्यटन केंद्रों का हुआ विकास*
*- सांस्कृतिक संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं के लिए खुल रहे रोजगार के नए द्वार*
*फिरोजाबाद, 26 सितंबर।* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के विजनरी नेतृत्व में सुहाग नगरी फिरोजाबाद पर्यटन के क्षेत्र में नई उड़ान भर रही है। बीते 6-7 साल में कांच नगरी की तस्वीर पूरी तरह बदली हुई नजर आ रही है। यहां अब केवल उद्योग ही नहीं, बल्कि धार्मिक विरासत, ईको टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2026-27 तक में पर्यटन विभाग ने 346.42 करोड़ रुपये की भारी- भरकम परियोजनाओं के जरिए जिले को एक शानदार पर्यटन हब के रूप में विकसित किया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को नई गति मिली है।
*धार्मिक विरासत से ईको टूरिज्म को मिला वृहद विस्तार*
पर्यटन विकास की शुरुआत वर्ष 2020-21 में 2.82 करोड़ और 2022-23 में 16.13 करोड़ रुपये की लागत से हुई, जिसमें रपड़ी वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म, यमुना किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिर, चन्द्रवाड़ जैन तीर्थ और माता सियर देवी मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले के पर्यटन को असली पंख लगे जब 166.16 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि से व्यापक स्तर पर परियोजनाएं धरातल पर उतरीं। इनमें चन्द्रवाड़ स्थित चिंतामणि नंदेश्वर मंदिर, श्री बालाजी महाराज मंदिर और यमुना किनारे रूरिया में ईको पर्यटन विकास जैसे बड़े और महत्वपूर्ण कार्य शामिल रहे।
*नीब करौली धाम और आधुनिक ग्लास म्यूजियम बने आकर्षण*
योगी सरकार ने स्थानीय आस्था और विश्वप्रसिद्ध शिल्प को एक मंच पर लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। महान संत बाबा नीब करौली की जन्मभूमि नागऊ के पर्यटन विकास पर विशेष फोकस किया गया है। वहीं शहर के कलेक्ट्रेट परिसर में बहुप्रतीक्षित ‘ग्लास म्यूजियम’ और पर्यटन सूचना केंद्र का निर्माण हुआ है। नगर क्षेत्र में तिरंगा स्ट्रीट लाइटिंग, स्वागत द्वार, वॉक थ्रू ऑप्टिकल इल्यूजन और सिरसागंज के आर्य गुरुकुल महाविद्यालय में सांस्कृतिक संकुल का निर्माण पर्यटकों को एक सर्वथा आधुनिक अनुभव प्रदान कर रहा है।
*ग्रामीण पर्यटन और विश्वस्तरीय जन सुविधाओं पर फोकस*
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 34.74 करोड़ और 2025-26 में 74.88 करोड़ रुपये से ग्रामीण व धार्मिक पर्यटन को और सुदृढ़ किया गया। साम्भौर बाबा धाम, सिरसागंज में वेद उपवन और नारखी में देवर्षि नारद मुनि मंदिर का भव्य सौंदर्यीकरण हुआ। रपड़ी ईको टूरिज्म के दूसरे चरण में लैंडस्केपिंग, क्यूआर कोड आधारित आधुनिक साइनेज, यात्री बेंच, सुलभ प्रसाधन और पेयजल की उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसके साथ ही करहरा और अकबरपुर में ग्रामीण पर्यटन से जुड़ी योजनाएं आकार ले रही हैं।
*2026-27 में 51.70 करोड़ से आधुनिक सुविधाओं का जाल*
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में 51.70 करोड़ रुपये से पर्यटन विकास को और अधिक सुविधाजनक बनाया जा रहा है। टूण्डला, फरिहा और शिकोहाबाद के प्राचीन मंदिरों में बहुउद्देशीय हॉल और प्रकाश व्यवस्था की जा रही है। सबसे खास पहल यह है कि मैनपुरी, इटावा, आगरा और एटा की सीमा पर नए पर्यटन सूचना केंद्रों का निर्माण हो रहा है, ताकि अन्य जिलों से आने वाले पर्यटकों को उचित मार्गदर्शन मिल सके। बाबा नीम करौली पर आधारित म्यूजियम के दूसरे चरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
*रोजगार और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम है पर्यटन*
इस व्यापक विकास पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में देश का सिरमौर बन चुका है। फिरोजाबाद अब केवल कांच के लिए ही नहीं, बल्कि अपने प्राचीन जैन तीर्थों, बाबा नीम करौली की जन्मस्थली और रपड़ी जैसे ईको-टूरिज्म क्षेत्रों के लिए वैश्विक पटल पर पहचाना जाएगा। 346 करोड़ से अधिक के निवेश से न केवल हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण हो रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के हजारों नए द्वार भी खुल रहे हैं। योगी सरकार का लक्ष्य हर जनपद की अनूठी खूबियों को पर्यटन के मानचित्र पर उकेरना है।
















