*लखनऊ में 29 नवंबर को मीडिया अधिकारों को लेकर होगी ऐतिहासिक महापंचायत, देश भर के पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को किया गया आमंत्रित*
*- भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक ए के बिंदुसार ने किया आह्वान, कहा – अब अपने हक, सम्मान और सुरक्षा के लिए आवाज बुलंद करने का समय आ गया है ।*
*भ्रष्टाचार पीड़ितों को मिलेगा मंच – http://BMFNewsNetwork.ORG*
रिपोर्ट – एच के श्रीवास्तव (राष्ट्रीय महासचिव भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी)
*लखनऊ।* लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता, सुरक्षा और सम्मान को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के तत्वावधान में 29 नवंबर 2026 को लखनऊ में *”मीडिया अधिकार महापंचायत”* का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
इस महापंचायत को लेकर भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी एवं इंटरनेशनल मीडिया आर्मी के मुख्य संयोजक और संस्थापक *ए के बिंदुसार* ने देश के सभी सम्मानित पत्रकार बंधुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, आरटीआई एक्टिविस्टों और मानव अधिकारों के क्षेत्र में काम करने वाले सभी संगठनों से लखनऊ कूच करने की अभी से तैयारी करने की अपील की है।
क्यों जरूरी है यह महापंचायत?
ए के बिंदुसार ने अपने जारी बयान में कहा कि आज देश में पत्रकारिता करना आसान नहीं रह गया है। ग्रामीण और कस्बाई स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों को आए दिन धमकियों, फर्जी मुकदमों और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। न तो उन्हें उचित सम्मान मिल रहा है, न सुरक्षा और न ही उनके अधिकारों की कोई ठोस गारंटी है।
उन्होंने कहा, “हम सभी को अपने हक और अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए अब एक मंच पर आना होगा। बिखरी हुई आवाजों को एकजुट करके ही हम सरकार और सिस्टम तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। 29 नवंबर की यह महापंचायत उसी एकजुटता का प्रतीक बनेगी।”
आयोजन समिति के अनुसार इस महापंचायत में –
*1. प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया* के सभी पत्रकार बंधु।
*2. यूट्यूबर्स, पोर्टल संचालक और स्वतंत्र पत्रकार।*
*3. सामाजिक कार्यकर्ता और समाजसेवी संगठन।*
*4. आरटीआई कार्यकर्ता और मानवाधिकारों के लिए लड़ने वाले सदस्य।*
*5. भ्रष्टाचार और शोषण से पीड़ित आम नागरिक।*
सभी को खुला आमंत्रण दिया गया है।
महापंचायत के प्रमुख उद्देश्य
इस महापंचायत में केवल भीड़ जुटाना उद्देश्य नहीं है, बल्कि ठोस मांगों पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार मुख्य मांगें इस प्रकार रहेंगी –
*1. पत्रकार सुरक्षा कानून* को सख्ती से लागू करने और पत्रकारों पर हो रहे हमलों पर त्वरित कार्रवाई की मांग।
*2. छोटे और मझोले समाचार पत्रों, पोर्टलों और यूट्यूब चैनलों* को सरकारी विज्ञापन और मान्यता में समान अधिकार।
*3. फर्जी मुकदमों से पत्रकारों को सुरक्षा* और प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना।
*4. भ्रष्टाचार के खिलाफ* एक राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत।
*5.आरटीआई कार्यकर्ता* और मानवाधिकारों के लिए लड़ने वाले सदस्यों को प्रशिक्षण देना एवं जागरूक करने के साथ ही सुरक्षा प्रदान करना।
ए के बिंदुसार ने कहा कि यह लड़ाई केवल पत्रकारों की नहीं है, यह जन-जन की लड़ाई है। इसलिए हमें जन-जन की आवाज को बुलंद करना होगा।
भ्रष्टाचार पीड़ितों को मिलेगा मंच – http://BMFNewsNetwork.ORG
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे सिर्फ मंच तक सीमित नहीं रखा गया है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन के नेशनल न्यूज़ पोर्टल *BMFNewsNetwork.ORG* को जन-आवाज का हथियार बनाया गया है।
ए के बिंदुसार ने घोषणा की है कि देश का कोई भी नागरिक जो भ्रष्टाचार, शोषण, अन्याय या सरकारी उत्पीड़न से पीड़ित है, वह अपना लिखित बयान, साक्ष्य, आर्टिकल और समाचार इस पोर्टल पर भेज सकता है। पोर्टल पर उसकी आवाज को पूरी प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा और उसे न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा, “अब किसी गरीब, मजलूम और पीड़ित की आवाज दबने नहीं दी जाएगी। http://BMFNewsNetwork.ORG आपका अपना पोर्टल है।”
जिलों में टीमें गठित करने का आह्वान
महापंचायत को सफल बनाने के लिए सभी प्रदेशों और जिलों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों और सदस्यों से अपील की गई है कि वे अभी से अपनी-अपनी टीम तैयार करना शुरू कर दें। गांव-गांव, तहसील-तहसील तक इस महापंचायत का संदेश पहुंचाया जाए।
ए के बिंदुसार ने अंत में कहा, “29 नवंबर 2026 को लखनऊ में इतिहास लिखा जाएगा। यह दिन मीडिया के सम्मान और अधिकारों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। आप सभी से निवेदन है कि अपने मतभेद भुलाकर, एकजुट होकर लखनऊ पहुंचे और इस महापंचायत को सफल बनाएं।”
















