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वरिष्ठ पत्रकार एके बिंदुसार की खास रिपोर्ट। : पड़री-पहाड़ी में संत पंकज जी महाराज की 108 दिवसीय जनजागरण यात्रा का 63वां पड़ाव, कठिनही गांव में भव्य स्वागत, कहा- कलयुग में केवल नाम ही आधार है

वरिष्ठ पत्रकार एके बिंदुसार की खास रिपोर्ट।

: पड़री-पहाड़ी में संत पंकज जी महाराज की 108 दिवसीय जनजागरण यात्रा का 63वां पड़ाव, कठिनही गांव में भव्य स्वागत, कहा- कलयुग में केवल नाम ही आधार है

पड़री/पहाड़ी (मीरजापुर) 22 अक्टूबर। परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी संत पंकज जी महाराज अपनी 108 दिवसीय शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध, आध्यात्मिक-वैचारिक जनजागरण यात्रा के साथ कल 63वें पड़ाव स्थल ग्राम कठिनही पधारे।

 

बड़ी संख्या में कतारबद्ध खड़े भाई-बहनों व बच्चों ने बैण्ड बाजा, दीप प्रज्वलित कलशों तथा पुष्पवर्षा करके यात्रियों का भावपूर्ण स्वागत किया।

 

आज यहाँ आयोजित अपने सत्संग संदेश में महाराज जी ने कहा कि यह सत्संग है। हम यह प्रयास करेंगे कि आपको सरल भाषा में सुनाया जाय। महात्मा न जाति बनाते हैं और न जाति बिगाड़ते हैं। सच पूछिये तो महात्माओं की कोई जाति नहीं होती। क्योंकि भक्ति करै कोइ सूरमा, जाति-बरन कुल खोय। जातियां तो कर्म से बनती हैं। कबीर साहब जुलाहे थे, नानक जी सिख थे, पलटूदास जी बनिया थे, मीराबाई क्षत्राणी थी, रैदास जी हरिजन जाति में पैदा हुये थे। यदि वे सब प्रभु की भक्ति करके जीते जी प्रभु को पा सकते हैं तो आप भी कलयुग की सुरत-शब्द साधना करके, जीते जी उस प्रभु को पा सकते हैं।

 

कलयुग की साधना क्या है? उसका रामचरित मानस में स्पष्ट प्रमाण मिलता है कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिरि, सुमिरि नर उतरहिं पारा। कलयुग में केवल नाम का आधार है। नाम कहते हैं शब्द को, धुन को, आवाज को, जो हमारे शरीर में दोनों आँखों के मध्य भाग, जहां जीवात्मा बैठी है, चौबीसों घण्टे आती रहती है। लेकिन हमको सुनाई इसलिये नहीं पड़ती कि हमने किसी सिद्ध महात्मा, पूरे गुरु की खोज नहीं की। महात्माओं ने पूर्व में ही कह रखा है कि गुरु करैं जानि कै, पानी पियैं छानि कै। इसलिये समर्थ गुरु की तलाश करें, भजन का रास्ता लेकर भजन की कमाई कर लें। यही भजन जीवात्मा को नर्कों व चौरासी की सजाओं से बचायेगा।

 

महाराज जी ने आत्म कल्याण और प्रभु प्राप्ति का सरल मार्ग नामदान को देकर सुमिरन, ध्यान, भजन को विधिवत समझाया।

 

महाराज जी ने वर्तमान समय में युवा पीढ़ी में संस्कारों की कमी पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि मैं यह मानता हूं कि जीवन में शिक्षा बहुत जरूरी है लेकिन शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी जरूरी है। संस्कार पड़ते हैं महात्माओं के वचनों से, संस्कार पड़ेंगे महात्माओं के सानिध्य से। इसलिये आप लोग जब भी सत्संग में आवें तो अपने बच्चों को जरूर साथ लाया करें। शाकाहार अपनाने तथा शराब आदि नशीले पदार्थों से दूर रहने की महाराज जी ने पुरजोर अपील की। पुलिस प्रशासन का शांति व्यवस्था में विशेष सहयोग रहा।

 

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष घूरन प्रसाद, संगठन मंत्री व प्रवक्ता मोती लाल सिंह, शीतला प्रसाद शर्मा, अवधेश चन्द, लालमनी प्रजापति एवं सहयोगी संगत भीलवाड़ा राजस्थान के उदय लाल सोनी, किशन तेली, भागचन्द्र आदि मौजूद रहे। आयोजन में रामविलास यादव, कन्हैया लाल एवं महावीर प्रसाद का विशेष सहयोग रहा।

 

सत्संग कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अपने 63वें पड़ाव ग्राम बेलवन ब्लाक पहाड़ी के लिये प्रस्थान कर गई। यहां आज प्रातः 11 बजे से सत्संग कार्यक्रम आयोजित है।

 

मोतीलाल सिंह

संगठन मंत्री व प्रवक्ता

मो. 9793962147

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