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मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एटा में कांग्रेस का महामार्च, परशुराम चौक पर पुतला दहन; पुलिस से तीखी झड़प, रिपोर्ट अनिल सोलंकी

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एटा में कांग्रेस का महामार्च, परशुराम चौक पर पुतला दहन; पुलिस से तीखी झड़प

 

कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल विरोध, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग;

 

एटा, सोमवार। भारतीय निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध कांग्रेस का आक्रोश सोमवार को एटा में फूट पड़ा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देशानुसार, जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी एटा के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल पैदल विरोध मार्च का आयोजन किया गया।

 

यह विरोध मार्च कांग्रेस कार्यालय धान मील वाली गली से शुरू होकर जीटी रोड, परशुराम चौक होते हुए धरना स्थल कचहरी की ओर बढ़ा। पैदल मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परशुराम चौक पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर “ज्ञानेश कुमार मुर्दाबाद”, “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो”, “वोट चोर गद्दी छोड़” और “भाजपा हाय-हाय” जैसे गगनभेदी नारे लगाए

जैसे ही कार्यकर्ता परशुराम चौक पर पहुंचे, पुलिस प्रशासन ने पुतला छीनने का प्रयास किया। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रयास से पुतला दहन कराया। इसको लेकर पुलिस प्रशासन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक एवं झड़प हुई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट की ओर कूच करते हुए धरना स्थल कचहरी पर अपना विरोध दर्ज कराया।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष आशिफ हुस्ने भोले ने की तथा कार्यक्रम का संचालन शहर अध्यक्ष एटा विनीत पाराशर बाल्मीकि ने किया।

आशिफ हुस्ने भोले जिला अध्यक्ष ने कहा कि आज देश जिस दौर से गुजर रहा है, वह केवल सत्ता-परिवर्तन का दौर नहीं है। यह उस सोच का दौर है जो संस्थाओं की स्वायत्तता, मीडिया की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की निरपेक्षता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर प्रश्नचिह्न लगाता है। जब लोकतंत्र की जड़ें कमजोर होती हैं, तो उसका असर पीढ़ियों तक महसूस होता है।

बिनीत परासर बाल्मीकि शहर अध्यक्ष ने कहा कि विरोध केवल किसी एक व्यक्ति या पार्टी से नहीं है। विरोध उस व्यवस्था से है जो असहमति को अविश्वास की नजर से देखती है, जो प्रश्न पूछने वाले को देशद्रोही कहती है, और जो संविधान को केवल एक दस्तावेज मानकर उसकी आत्मा को नजरअंदाज करती है।

ठाकुर अनिल सोलंकी पूर्व कार्यवाहक जिला अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ केवल चुनाव जीतना नहीं है। लोकतंत्र का अर्थ है—हर आवाज़ को सुनना, हर विचार को सम्मान देना, और हर नागरिक को उसके अधिकारों की रक्षा की गारंटी देना। जब सत्ता अपने विरोध को भी अपना हिस्सा मानती है, तभी लोकतंत्र मजबूत होता है।

तारा राजपूत एआईसीसी ने कहा देश रहेगा, संविधान रहेगा, और लोकतंत्र की आवाज़ भी रहेगी—क्योंकि यह आवाज़ किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस जनता की है जिसने इस देश को बनाया है। सवाल यह नहीं कि कौन सत्ता में है, सवाल यह है कि सत्ता का इस्तेमाल किस दिशा में हो रहा है।

एकेश लोधी पूर्व जिला अध्यक्ष ने कहा अगर लोकतंत्र की रक्षा नहीं होगी, तो देश बचेगा भी, तो कैसे? इसलिए, विरोध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिक और संवैधानिक कर्तव्य है।

महेंद्र सिंह राजपूत पीसीसी ने कहा कि व्यक्ति बदलते रहेंगे, सरकारें बदलती रहेंगी, लेकिन देश और उसका संविधान सर्वोपरि हैं। लोकतंत्र की असली ताकत उसके विरोध में छिपी होती है—क्योंकि विरोध ही लोकतंत्र की सांस है।

विरोध प्रदर्शन में वक्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से लोकतंत्र और स्वतंत्र निर्वाचन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की मांग दोहराई।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से आशिफ हुस्ने भोले (जिला अध्यक्ष), विनीत पाराशर बाल्मीकि (शहर अध्यक्ष), तारा राजपूत (एआईसीसी), ठाकुर अनिल सोलंकी (पीसीसी), महेंद्र सिंह राजपूत (पीसीसी), अरविंद सोनी (पीसीसी), एकेश लोधी (पूर्व जिला अध्यक्ष), गंगा सहाय लोधी (पूर्व जिला अध्यक्ष), सुभाष सागर (पूर्व सभासद), अजमल खान, कुलदीप पांडेय, टिंकू पंडित, राजबहादुर शाक्य, सूरज पाल भारती, नौशाद अली, अभिषेक तोमर, जितेंद्र राणा, सोमवीर दिवाकर, राजेश गुप्ता, पंकज कुमार गौतम, राम रतन वाल्मीकि, नरेंद्र सिंह यादव, जहीर अहमद, मोहम्मद शाहिद, हरिश्चंद्र रावल, रामपाल वाल्मीकि, संजीव गुप्ता, आदित्य गुप्ता, जितेंद्र कुमार राजपूत, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद तसबीर, सुरेंद्र कुमार, रसूल अहमद, संजय सिंह यादव, राशिद अली, दिनेश कुमार यादव, जितेंद्र सिंह, राजेश कुमार गुप्ता, वेद प्रकाश माथुर, संदीप कुमार, नाजिम अंसारी, नितिन तिवारी, डॉक्टर नेम सिंह शाक्य, पुष्कर पुष्प यादव, शशिकांत, सोबरन सिंह आदि उपस्थित रहे।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग के खिलाफ कांग्रेस का यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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