*अतिवृष्टि से उत्पन्न परिस्थितियों पर जिलाधिकारी की पैनी नजर, राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी*
*तहसीलवार क्षति का आकलन कर शासन को भेजी जा रही रिपोर्ट, पात्र प्रभावितों को नियमानुसार तत्काल मिलेगी राहत राशि*
*जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपसेट से पानी की निकासी, गौशालाओं एवं फसलों की भी लगातार निगरानी*
एटा 26 सितम्बर 2026। जनपद में दिनांक 25 सितंबर से हो रही अतिवृष्टि के दृष्टिगत जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली द्वारा जनपद की समस्त तहसीलों एवं प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। जिलाधिकारी द्वारा अपर जिलाधिकारी एवं समस्त उपजिलाधिकारियों से लगातार संपर्क स्थापित कर वर्षा से उत्पन्न परिस्थितियों, जलभराव, मकान क्षति, फसल क्षति एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल राहत एवं बचाव कार्य कराए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर समस्त तहसीलों से अतिवृष्टि के कारण हुई क्षति का लगातार आकलन कराया जा रहा है। 26 सितंबर को सायं 6 बजे तक प्राप्त तहसीलवार रिपोर्ट के अनुसार जनपद में कुल चार मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। इनमें तहसील अलीगंज में एक पक्का एवं दो कच्चे मकान तथा तहसील एटा में एक कच्चा मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। तहसील जलेसर से अभी तक मकान क्षति की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाकर राहत पोर्टल पर फीडिंग एवं नियमानुसार राहत प्रदान करने की कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अतिवृष्टि से प्रभावित प्रत्येक क्षेत्र की राजस्व टीम द्वारा तत्काल जांच एवं क्षति का आकलन किया जाए। सभी तहसीलों से प्राप्त क्षति का समेकित विवरण शासन को प्रेषित किया जा रहा है तथा नियमानुसार स्वीकृत राहत राशि का भुगतान संबंधित पात्र प्रभावितों को निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत कराया जाएगा। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए नियमानुसार ₹1.20 लाख तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे एवं पक्के मकान के लिए क्रमशः ₹4,000 एवं ₹6,500 की राहत राशि का प्रावधान है।
जलभराव वाले क्षेत्रों में युद्धस्तर पर पानी की निकासी कराई जा रही है। नगरीय निकायों द्वारा अत्यधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपसेट लगाकर पानी निकालने की कार्रवाई लगातार जारी है। एटा नगर पालिका द्वारा 6 पंपसेट, जबकि अलीगंज एवं जलेसर नगर पालिका द्वारा एक-एक पंपसेट लगाकर जल निकासी सुनिश्चित की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जिला पंचायत एवं खंड विकास अधिकारियों द्वारा सतत निगरानी रखते हुए आवश्यकता के अनुरूप जल निकासी की व्यवस्था कराई जा रही है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं उनकी टीम द्वारा जनपद की गौशालाओं का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि अतिवृष्टि के दौरान निराश्रित गोवंश की सुरक्षा, चारा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर एक बकरी की मृत्यु होने पशुहानि से संबंधित मामलों में भी आवश्यक कार्यवाही कर 3000 रुपये मुआवजा देने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है।
इसी प्रकार किसानों की फसलों को अतिवृष्टि से हुई क्षति का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग की टीमें क्षेत्र में सक्रिय हैं। लेखपाल एवं संबंधित राजस्व कर्मचारी फसल क्षति का सर्वे कर निर्धारित समयावधि में अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल क्षति पाए जाने पर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखें तथा किसी भी प्रकार की जनहानि, पशुहानि अथवा अन्य क्षति की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करें। प्रशासन द्वारा अतिवृष्टि से उत्पन्न परिस्थितियों में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।जिला सूचना कार्यालय एटा 👆
















