योगी कैबिनेट का फैसला: आगरा में नए शहर के लिए मिली करोड़ों की मंजूरी, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*योगी कैबिनेट का फैसला: आगरा में नए शहर के लिए मिली करोड़ों की मंजूरी*

 

*- आगरा, बरेली और प्रयागराज के लिए 355.06 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल तय*

 

*- मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत पहली किश्त के ₹225 करोड़ जारी*

 

*- आगरा के सुनियोजित विकास और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पकड़ेगी रफ्तार*

 

*- बढ़ती आबादी को मिलेंगी आधुनिक आवासीय सुविधाएं और रोजगार के नए अवसर*

 

*आगरा, 03 जून।* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के महानगरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और बढ़ती आबादी को बेहतर आवासीय विकल्प देने के लिए बड़े कदम उठा रही है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में ‘मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/ नये शहर प्रोत्साहन योजना’ के तहत एक बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने ताजनगरी आगरा के साथ- साथ बरेली और प्रयागराज में नए शहरों के सुनियोजित विकास के लिए 225 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट को हरी झंडी दे दी है।

 

*आगरा को मिली बड़ी सौगात, जमीन अधिग्रहण में आएगी तेजी*

कैबिनेट बैठक के इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ आगरा को मिलने जा रहा है। योजना के मुताबिक नए शहरों के विकास के लिए जमीन अधिग्रहण में होने वाले खर्च का 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार ‘सीड कैपिटल’ के रूप में देगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस मद में कुल 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से आगरा, बरेली और प्रयागराज के लिए 355.06 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल तय की गई है। कैबिनेट ने पहली किश्त के रूप में 225 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है, जिससे अब आगरा में नए शहर बसाने की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ेगी।

 

*सुनियोजित विकास और आधुनिक आवासीय सुविधाएं*

योगी सरकार का मुख्य उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में अव्यवस्थित बसावट को रोककर एक सुव्यवस्थित ढांचा तैयार करना है। इस योजना के तहत विकसित होने वाले नए शहरों में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, चौड़ी सड़कें, पार्क और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी। 6 अप्रैल 2023 को जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर इन शहरों का समग्र विकास किया जाएगा। सरकार द्वारा दी जाने वाली यह आर्थिक मदद 20 साल की अवधि के लिए होगी, जिससे स्थानीय विकास प्राधिकरणों पर वित्तीय बोझ कम होगा और वे तेजी से काम कर सकेंगे।

 

*बढ़ती आबादी को मिलेगा घर और रोजगार का नया ठिकाना*

कैबिनेट के इस निर्णय से न केवल आवास की समस्या हल होगी, बल्कि विकास कार्यों के चलते स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। आगरा जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के पास नए शहर का विकास होने से भविष्य में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि उत्तर प्रदेश के महानगरों को दिल्ली- एनसीआर की तर्ज पर अत्याधुनिक बनाया जाए, ताकि यहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके। इस स्वीकृति के बाद अब संबंधित एजेंसियां जमीन अधिग्रहण और मास्टर प्लान को धरातल पर उतारने की तैयारी में जुट गई हैं।

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