सजग कोरबा, सतर्क कोरबा: पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, दो दिनों में 98 वारंटी गिरफ्तार
लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा, सभी को भेजा गया न्यायिक रिमांड पर।
रिपोर्ट: राजवर्धन, पत्रकार (बीएमएफ न्यूज नेटवर्क)
कोरबा (छत्तीसगढ़),

कोरबा समाचार।
कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने अपराधियों के विरुद्ध बड़ा अभियान छेड़ दिया है। पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर चलाए जा रहे “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दो दिनों के भीतर कुल 98 वारंटियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
विशेष अभियान में दबोचे गए फरार अपराधी
पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री लखन पटले एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा श्री नीतिश ठाकुर की देखरेख में जिले के समस्त थाना और चौकी प्रभारियों को विशेष निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में 10 और 11 अप्रैल 2026 को पुलिस ने सघन दबिश देकर लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
दो दिनों का कार्रवाई का लेखा-जोखा
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष अभियान में वारंटियों की धरपकड़ का ब्यौरा इस प्रकार है:
10 अप्रैल 2026: 04 स्थायी वारंटी और 29 गिरफ्तारी वारंटी तामील किए गए।
11 अप्रैल 2026: 17 स्थायी वारंटी और 48 गिरफ्तारी वारंटी तामील किए गए।
कुल आंकड़ा: दो दिनों में कुल 21 स्थायी वारंटी और 77 गिरफ्तारी वारंटी, यानी कुल 98 आरोपियों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
अपराधियों पर है पुलिस की पैनी नजर
पुलिस ने बताया कि ये सभी आरोपी न्यायालय द्वारा पूर्व में जारी वारंट के बावजूद लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस इन पर लगातार निगरानी रख रही थी और योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर इन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
नागरिकों से सहयोग की अपील
कोरबा पुलिस ने जिले के आम नागरिकों से शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, अपराध या अवैध शराब के निर्माण/बिक्री की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।







