एटा के पारंपरिक व्यंजनों को मिलेगा उद्योग का नया स्वरूप, ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना में आवेदन आमंत्रित, रिपोर्ट सुलेखा राजेश चौधरी

*एटा के पारंपरिक व्यंजनों को मिलेगा उद्योग का नया स्वरूप, ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना में आवेदन आमंत्रित*

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*चिकोरी, घेवर एवं पूड़ी-सब्जी से जुड़े उद्यमियों को बैंक ऋण के साथ मिलेगा आकर्षक मार्जिन मनी अनुदान*

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*आधुनिक तकनीक, पैकेजिंग, कोल्ड चेन व क्लाउड किचन की स्थापना के लिए सरकार दे रही वित्तीय सहायता*

 

*एटा, 08 जुलाई 2026(सू0वि0)।* प्रदेश सरकार द्वारा स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान दिलाने तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित ‘एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी) वित्त पोषण सहायता योजना’ जनपद एटा में प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत जनपद एटा के लिए चिकोरी, घेवर एवं पूड़ी-सब्जी को चयनित व्यंजन के रूप में शामिल किया गया है। इन व्यंजनों से संबंधित नई इकाइयों की स्थापना, विस्तार एवं विविधीकरण के लिए बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र, एटा अर्चना कुमारी ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य जनपद के पारंपरिक व्यंजनों का संरक्षण करते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना, उत्पादन क्षमता एवं गुणवत्ता में वृद्धि करना, आकर्षक पैकेजिंग को बढ़ावा देना तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत बनाना है। इससे स्थानीय उद्यमियों को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा जनपद की विशिष्ट खाद्य पहचान को भी व्यापक स्तर पर स्थापित किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत ऑटोमेटिक मशीनों की स्थापना, आधुनिक पैकेजिंग एवं लेबलिंग मशीनें, रैपर सीलर, डीप फ्रीजर, मिनी कोल्ड रूम, रीफर वैन, फूड टेस्टिंग एवं गुणवत्ता जांच उपकरण, उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने वाली मशीनें, क्लाउड किचन सहित अन्य आवश्यक अधोसंरचना के विकास के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त चयनित व्यंजनों से संबंधित उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय क्षेत्र की नई, विस्तारीकरण एवं विविधीकरण वाली इकाइयां भी योजना के अंतर्गत पात्र होंगी।

योजना के तहत 25 लाख रुपये तक की परियोजना पर कुल लागत का 25 प्रतिशत (अधिकतम 6.25 लाख रुपये), 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की परियोजना पर लागत का 20 प्रतिशत अथवा 6.25 लाख रुपये (जो अधिक हो), 50 लाख से 150 लाख रुपये तक की परियोजना पर लागत का 10 प्रतिशत अथवा 10 लाख रुपये (जो अधिक हो) तथा 150 लाख रुपये से अधिक की परियोजना पर लागत का 10 प्रतिशत, अधिकतम 50 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान प्रदान किया जाएगा। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना आवश्यक है। किसी न्यूनतम शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है। आवेदक किसी बैंक अथवा वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए तथा एक परिवार को इस योजना का लाभ केवल एक बार ही प्रदान किया जाएगा।

उपायुक्त उद्योग ने बताया कि जनपद एटा को इस योजना के अंतर्गत 10 लाभार्थियों का भौतिक लक्ष्य एवं 30 लाख रुपये मार्जिन मनी वितरण का वित्तीय लक्ष्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने इच्छुक उद्यमियों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं ऑनलाइन आवेदन के लिए https://msme.up.gov.in/ का अवलोकन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र, आईटीआई के सामने, कासगंज रोड, एटा में व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष संख्या 05742-233487 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

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