*हरियाली की नई मिसाल, जलेसर महाविद्यालय में NSS का मेगा वृक्षारोपण अभियान, युवाओं ने प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प*
जलेसर (एटा), 08 जुलाई। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने और युवा शक्ति को प्रकृति के प्रति उत्तरदायी बनाने की दिशा में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जलेसर ने बुधवार को एक प्रेरणादायी पहल की। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के तत्वावधान में आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए तथा उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओमकार ने पौधारोपण कर किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग पूरी मानव सभ्यता के सामने गंभीर चुनौती हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक पौधे लगाए और उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखे। उन्होंने छात्र-छात्राओं से पर्यावरण संरक्षण को केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और सेवा-भाव के साथ अभियान में भाग लिया। प्रत्येक स्वयंसेवक ने एक पौधा रोपित कर उसके संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया। परिसर में पौधारोपण के दौरान पर्यावरण संरक्षण के संदेश भी दिए गए, जिससे कार्यक्रम जनजागरूकता का माध्यम बन गया।
इस अवसर पर डॉ. गिरंद सिंह, डॉ. राहुल भारद्वाज, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. प्रणय छिब्बर, डॉ. शालिनी यादव, श्री अजय प्रताप एवं श्री राजवीर सिंह सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण और कर्मचारियों ने भी पौधे रोपकर अभियान को सफल बनाया। सभी ने कहा कि एक वृक्ष केवल हरियाली ही नहीं देता, बल्कि स्वच्छ वायु, शुद्ध वातावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखता है।
कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई तथा सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे नियमित अभियान विद्यार्थियों में सामाजिक दायित्व, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सतत विकास की सोच को मजबूत करेंगे।
हरित परिसर की ओर बढ़ाया गया यह कदम न केवल महाविद्यालय की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रतीक है, बल्कि समाज को भी यह संदेश देता है कि “आज लगाया गया एक पौधा, आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन का आधार बन सकता है।”









