औरैया हत्याकांड की कहानी औलाद से बढ़कर कोई समझौता नहीं” — 6 साल बाद मिला इंसाफ, छलक पड़े मां के आंसू
“मंदिर में मेरे बेटे को मार दिया गया था। हम लोग घर पर थे। छह साल बाद जो फैसला आया, उससे हम बहुत संतुष्ट हैं। इन छह सालों में हमने बहुत कठिनाइयां झेलीं। एक बेटे की हत्या हो गई और दूसरा बेटा कोर्ट के चक्कर लगाता रहा।”
यह कहते-कहते वकील मंजुल चौबे की मां सरला चौबे की आंखों में आंसू छलक आए।
औरैया के चर्चित मंजुल चौबे और उनकी टीचर बहन सुधा चौबे हत्याकांड में कोर्ट ने पूर्व सपा MLC कमलेश पाठक समेत 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
सरला चौबे ने बताया कि मुकदमे के दौरान परिवार पर समझौते का दबाव भी बनाया गया। उन्होंने कहा—
“कोई कहता था 7 करोड़ देंगे, कोई कहता था 8 करोड़ देंगे। समझौता कर लो… लेकिन औलाद से बढ़कर कोई समझौता नहीं है।”
छह साल के लंबे इंतजार के बाद अदालत के फैसले से परिवार को राहत मिली है। मां की आंखों में बेटे-बेटी को खोने का दर्द आज भी है, लेकिन न्यायालय के फैसले ने उनके संघर्ष को एक मंजिल दी है।
6 साल का इंतजार… दर्द भी रहा, दबाव भी आया, लेकिन परिवार ने समझौता नहीं किया।













