जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने को सपा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी.देवेश शाक्य, एटा सांसद, रिपोर्ट डॉ अभिषेक तोमर

*छात्रों के जंतर मंतर आंदोलन मे किसी भी राजनीतिक पार्टी का कोई श्रेय नहीं…दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हम बच्चों के साथ खड़े थे…*

 

*जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने को सपा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी.देवेश शाक्य, एटा सांसद*

 

एटा मे समाजवादी पार्टी के संविधान मान स्तम्भ स्थापना दिवस के कार्यक्रम मे एटा के सपा सांसद देवेश शाक्य का जौहर यूनिवर्सिटी को तोड़ने पर बड़ा बयान…

 

उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा के मंदिर को तोड़ा जायेगा तो निश्चित रूप से सपा सड़कों पर उतर कर विरोध करेगी…

 

उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने को हम कोर्ट भी जायेगे, हमने डी एम से भी मिलकर अपनी बात रखी है कि ज़ब ये यूनिवर्सिटी बनी थी तब सारे नॉर्म्स को पूरा किया गया था…

 

उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को तोड़ने की बात द्वेष भावना के तहत किया जा रहा है, एन ओ सी तो सरकार ने दी थी…

 

उन्होंने कहा जौहर यूनिवर्सिटी ज़ब बनी थी तब ये क्षेत्र रुरल मे था 2024 मे ये नगरीय क्षेत्र हुआ है,नगरीय छेत्र मे ज़ब आया तब नक़्शे पास नहीं होते थे, जो भी पेपर्स की उस समय जरूरत थी वो सब लीगल तरीके से बनाया गया है…

वर्तमान मे यू पी मे जो सरकार चल रही है वो युवा और शिक्षा विरोधी है… बनी बनायीं यूनिवर्सिटी को तोड़ने की बात कर रहे हैं आज तक इन्होने उत्तर प्रदेश मे एक भी यूनिवर्सिटी बनायीं हो तो बतायें…

 

उन्होंने कहा कि संविधान को मानते हुए 2027 मे पीडीए को मजबूत करके भाजपा को हटाकर अखिलेश यादव को यू पी का मुख्यमंत्री बनाने का काम करेंगे…

 

उन्होंने कहा कि जंतर मंतर प्रोटेस्ट मे अखिलेश यादव एक पिता और डिम्पल एक मां के रूप मे शामिल हुयी थी, अखिलेश यादव के निर्देश पर डिम्पल के नेतृत्व मे सपा के 13 सांसद प्रोटेस्ट मे शामिल हुए थे, 3 घंटे तक हम थाने मे बच्चों के साथ रहे, सरकार ने, दिल्ली पुलिस ने जिस प्रकार बच्चों पर लाठियाँ भांजी वो देखने लायक नहीं था…

 

उन्होंने कहा ये सब इस देश के युवा थे, युवाओं मे जातिवाद नहीं होता, हर धर्म हर जात के बच्चे थे, ज़ब जातिवाद नहीं था तो एकता दिखाई दी और उस एकता की वजह से इकलाब आया, युवाओं के आगे प्रधान को झुकना पड़ा, स्तीफ़ा हुआ…इसमें किसी भी राजनीतिक पार्टी का कोई श्रेय नहीं…

 

उन्होंने कहा कि राम मे आस्था रखने वाले लोगों ने ज़ब मंदिर बना था तब दीपक जलाया था और आस्था की ज़ब लूट होती है तो उन्हें भी कष्ट होता है…

 

उन्होंने कहा कि इन्होने राम मंदिर बनाने के लिए चंदा लिया था जबकि जबकि मन्दिर बनाने के लिए चंदा कभी नहीं लिया जाता दान दिया जाता है, चंदे के समय इन्होने जनता से बहुत मोटा पैसा लिया उस पैसे को अपने चहेतों को दिया गया, इस चंदे की चोरी हुयी जिसमे छोटे लोगों को जकड़ा गया बड़े लोगों पर कोई शिकन्जा नहीं हुआ…

 

ज़ब उनसे पूँछा गया कि योगी जी कहते हैं कि जिन लोगों ने राम मंदिर के कार सेवकों पर गोलिया चलवायी और मंदिर के दर्शन करने तक नहीं गए उनको चंदा चोरी पर प्रश्न करने का कोई अधिकार नहीं है इसपर उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गोली चलवाने का आदेश दिया था उनको मंदिर के ट्रस्ट मे क्यों लिया गया ये बात क्यों नहीं पूंछते भाजपा वालों से… जिन लोगों ने राम भक्तों पर गोलिया चलवायी तो राम मंदिर का ट्रस्ट बनाने का ठेका उन्ही को क्यों दे दिया?

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