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एसएन मेडिकल कॉलेज की ’24 घंटे सेंट्रल लैब’ को मिली एनएबीएल (NABL) मान्यता, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*एसएन मेडिकल कॉलेज की ’24 घंटे सेंट्रल लैब’ को मिली एनएबीएल (NABL) मान्यता*

 

*- प्रतिष्ठित एनएबीएल सर्टिफिकेशन पाने वाला यूपी का चौथा राजकीय मेडिकल कॉलेज बना*

 

*- लैब में रोजाना 7000 जांचें, एक साल में 25 लाख टेस्ट का शानदार रिकॉर्ड*

 

*- मरीजों को अब मिलेंगी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सटीक और विश्वसनीय जांच सेवाएं*

 

*आगरा, 04 जुलाई।* उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और आम जनमानस को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार के प्रयास लगातार धरातल पर रंग ला रहे हैं। इसी क्रम में ताजनगरी के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और बड़ा मील का पत्थर पार किया है। एसएनएमसी की 24 घंटे संचालित होने वाली ‘सेंट्रल लेबोरेटरी’ को राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) द्वारा आधिकारिक तौर पर मान्यता (Accreditation) प्रदान कर दी गई है। इस गौरवपूर्ण सर्टिफिकेशन को हासिल करने के साथ ही एसएन मेडिकल कॉलेज उत्तर प्रदेश का चौथा ऐसा सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) बन गया है, जिसे यह प्रतिष्ठित एनएबीएल (NABL) मान्यता प्राप्त हुई है।

 

*रोजाना 7000 जांचें और एक साल में 25 लाख टेस्ट का रिकॉर्ड*

एसएन मेडिकल कॉलेज की यह 24 घंटे संचालित होने वाली सेंट्रल लैब मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। वर्तमान में लैब के प्रमुख आंकड़े इसकी विशाल कार्यकुशलता और क्षमता को दर्शाते हैं। यहां रोजाना लगभग 1200 सैंपल प्रोसेस किए जाते हैं, जिनके आधार पर प्रतिदिन करीब 7000 इन्वेस्टिगेशन (जांचें) सफलतापूर्वक की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त लैब का मजबूत इमरजेंसी विंग भी पूरी क्षमता से काम कर रहा है, जहां अकेले हर दिन लगभग 2000 टेस्ट संपन्न होते हैं। यदि वार्षिक आंकड़ों की बात करें, तो पिछले महज एक वर्ष में लैब द्वारा 25 लाख से अधिक जांचें पूरी करने का एक शानदार रिकॉर्ड कायम किया गया है। वर्तमान में लैब में 100 से अधिक पैरामीटर्स पर जांच की सुविधा उपलब्ध है।

 

*3 वर्षों की कड़ी मेहनत का सुखद परिणाम*

यह ऐतिहासिक सफलता रातों- रात नहीं मिली है। लैब की नोडल ऑफिसर डॉ. कामना सिंह ने बताया कि यह मील का पत्थर कोर टीम के पिछले 3 वर्षों के निरंतर और कड़े प्रयासों का ही सुखद परिणाम है। उन्होंने बताया कि कई विशिष्ट (स्पेशलाइज्ड) टेस्ट ऐसे हैं, जिन्हें प्रदेश के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में सबसे पहले आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में ही प्रारंभ किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में कोर टीम की अहम भूमिका रही है, जिसमें चिकित्सक दल से डॉ. पवन गौतम, डॉ. रीतिका, डॉ. ज्योति, डॉ. कामिनी और तकनीकी व सहयोगी स्टाफ से श्री मुकेश कनौजिया, श्री हेमराज सिंह तथा श्री कृष्णकांत वर्मा शामिल हैं।

 

*जांचें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और शत-प्रतिशत विश्वसनीय*

एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने लैब की इस सफलता पर पूरी टीम की पीठ थपथपाई है। उन्होंने लैब की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को लेकर कहा कि एनएबीएल (NABL) मान्यता मिलना इस बात का आधिकारिक और पुख्ता प्रमाण है कि एसएन मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में होने वाली सभी जांचें पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और विश्वसनीय हैं। संस्थान का हमेशा से यही प्रयास रहा है कि मरीजों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराई जा सकें। यह मान्यता इसी दिशा में उठाया गया एक बहुत बड़ा कदम है।

 

*ब्रज मंडल के मरीजों को मिलेगा विश्वस्तरीय पैथोलॉजिकल सेवाओं का लाभ*

सूबे की योगी सरकार का स्पष्ट विजन है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले गरीब और असहाय मरीजों को जांच के लिए निजी पैथोलॉजी की तरफ न भागना पड़े। इस एनएबीएल (NABL) सर्टिफिकेशन के बाद न केवल आगरा बल्कि संपूर्ण ब्रज मंडल और इसके निकटवर्ती जिलों से आने वाले हजारों मरीजों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। अब एसएन मेडिकल कॉलेज में ही मरीजों को बेहद सटीक, विश्वस्तरीय और उच्च स्तरीय पैथोलॉजिकल जांच सेवाओं का लाभ निरंतर और किफायती दरों पर मिलता रहेगा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की यह उपलब्धि स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है।

 

*सेंट्रल लैब की कार्यकुशलता के प्रमुख आंकड़े:-*

– लैब में रोजाना लगभग 1200 सैंपल प्रोसेस होते हैं।

– प्रतिदिन 7000 से अधिक जांचें सफलतापूर्वक संचालित होती हैं।

– इमरजेंसी विंग में रोजाना करीब 2000 टेस्ट होते हैं।

– एक साल में 25 लाख से अधिक जांचें हुईं।

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