बी एम एफ न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ से वरिष्ठ पत्रकार शमीम आलम की खास रिपोर्ट।
“लोकतंत्र बचाओ, पत्रकारिता बचाओ” – 24 अगस्त को लखनऊ में पत्रकारों का शंखनाद।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर संकट गहरा रहा है। सच्चाई दिखाने वाले पत्रकारों की आवाज दबाई जा रही है। इसी के खिलाफ 24 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे लखनऊ के दारुल सफा कॉमन हॉल, विधानसभा भवन के सामने बी-ब्लॉक सभागार में ‘मीडिया अधिकार महासम्मेलन’ का आयोजन किया गया है।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक एके बिंदुसार ने पूरे देश के पत्रकारों, यूट्यूबर्स, आरटीआई कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को लखनऊ आने का ऐतिहासिक आह्वान किया है। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी दल से नहीं, बल्कि संविधान और अभिव्यक्ति की आजादी को बचाने के लिए है।
सम्मेलन की 6 बड़ी मांगें हैं। पहला, पूरे देश में कड़ा ‘पत्रकार सुरक्षा अधिनियम’ लागू हो। दूसरा, पत्रकारों के स्वास्थ्य, बीमा और कल्याण के लिए ‘मीडिया कल्याण बोर्ड’ और ‘मीडिया पालिका’ का गठन हो। तीसरा, बड़े मीडिया घरानों के साथ-साथ जमीनी और डिजिटल पत्रकारों को भी सरकारी मान्यता और सुरक्षा मिले। चौथा, आरटीआई कार्यकर्ताओं को विशेष संरक्षण। पांचवां, अनुच्छेद 19-1-ए के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा। और छठा, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे जन मुद्दों पर गंभीर चर्चा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ मध्य से विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रविदास मेहरोत्रा और विशेष अतिथि के रूप में पूर्वांचल महापंचायत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मिंटू राजभर शामिल होंगे। संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शमीम आलम करेंगे।
आयोजकों का साफ कहना है, अगर आज हम चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियों को निष्पक्ष और भयमुक्त पत्रकारिता नहीं मिलेगी। इसलिए अपनी कलम, अपने कैमरे और अपनी आवाज के साथ 24 अगस्त को लखनऊ पहुंचिए।
यह सिर्फ एक सभा नहीं, निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए महा-यज्ञ की शुरुआत है।













