**छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में घंटाघर पर कांग्रेस का सत्याग्रह, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग**
**एटा, 25 जुलाई।** जिला कांग्रेस कमेटी, एटा के बैनर तले शनिवार को शहर के ऐतिहासिक घंटाघर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में एक दिवसीय शांतिपूर्ण सत्याग्रह आयोजित किया गया। सत्याग्रह के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता की निंदा करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
सत्याग्रह का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष हाजी आशिक हुसैन ‘भोले’ ने किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी जायज मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से उठाना प्रत्येक छात्र का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों पर बल प्रयोग और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है और आगे भी उनके हितों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।
जिलाध्यक्ष ने मांग की कि छात्रों पर लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी कथित झूठे मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और व्यापक स्तर पर चलाने के लिए बाध्य होगी।
सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी विचारधारा के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर मोमबत्तियां जलाकर छात्रों के समर्थन में न्याय की मांग की गई।
इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष गंगासाय लोधी, पूर्व जिलाध्यक्ष चौब सिंह धनगर, पूर्व कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव इमरान अली, युवा कांग्रेस प्रदेश कोऑर्डिनेटर मोहम्मद रियाज अब्बास, जिला महासचिव फैसल हसन खान, कांग्रेस अल्पसंख्यक जिला उपाध्यक्ष शानू हसन खान, सुरेंद्र यादव, ओमवीर राजपूत, धुरंधर यादव, सुरेंद्र सावरी, मोहम्मद शाहिद बेग, मोहम्मद रहीम, ओमवीर दिवाकर, संदीप, संजय यादव, अनिल जैन, मोहित कुमार सहित जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ता, छात्र एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।









