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आरपीएफ की खाकी पर लगा ₹50,000 की अवैध वसूली का दाग: हजारीबाग टाउन पोस्ट के SI और ASI पर बेकसूरों को फर्जी केस में फंसाने का गंभीर आरोप, डीजी तक पहुंची शिकायत

रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्यूरो चीफ- सोनभद्र)

हजारीबाग / कुजू: पूर्व मध्य रेल के धनबाद मंडल अंतर्गत हजारीबाग टाउन रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट पर तैनात अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरपीएफ के एक सब-इंस्पेक्टर (SI) और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) पर गरीब ग्रामीणों को झूठे केस में फंसाने का डर दिखाकर ₹50,000 की अवैध वसूली करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाते हुए आरपीएफ महानिदेशक (DG), रेल भवन, नई दिल्ली को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है।

जंगल में ले जाकर बनाया फर्जी वीडियो, डाल्टनगंज जेल भेजने की दी धमकी
शिकायतकर्ता शिव महतो (निवासी: ग्राम, पोस्ट व थाना कुजू, जिला हजारीबाग) के अनुसार, घटना 15 अगस्त की है। आरोप है कि हजारीबाग टाउन आरपीएफ पोस्ट के एसआई अमित कुमार और एएसआई उमाशंकर सिंह कुजू आउट पोस्ट क्षेत्र पहुंचे। वहां से उन्होंने शिव महतो समेत तीन ग्रामीणों को जबरन उठाया और जंगल में रेलवे ट्रैक के पास ले गए।

आरोप है कि अधिकारियों ने जबरन रेलवे का केबल उनकी मोटरसाइकिल पर रखकर वीडियो रिकॉर्ड किया और झूठे मुकदमे का जाल बुना। इसके बाद ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा गया कि यदि ₹50,000 नहीं दिए, तो उन्हें हजारीबाग ले जाकर सीधे डाल्टनगंज जेल भेज दिया जाएगा। जब बेकसूर ग्रामीणों ने अपना गुनाह पूछा, तो उन्हें जबरन हजारीबाग टाउन आरपीएफ पोस्ट लाया गया।

रात 9 बजे पैसे लेकर छोड़ा, CCTV फुटेज से खुल सकती है पोल
आरोप के मुताबिक, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और जेल भेजने का खौफ दिखाने के बाद ₹50,000 की मोटी रकम वसूल कर रात करीब 9:00 बजे तीनों ग्रामीणों को छोड़ा गया।

शिकायतकर्ता का दावा है कि पूरी घटना की सच्चाई हजारीबाग टाउन आरपीएफ पोस्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज, उस समय डायरी ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कर्मियों के बयान और कुजू के स्थानीय मुखिया ओझा जी उर्फ ‘भुज बाबा’ के बयान से पूरी तरह साबित हो सकती है।

पहले भी लग चुके हैं आरोप, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों अधिकारियों का यह कोई पहला मामला नहीं है; इससे पहले भी वे इस तरह की मनमानी और अवैध वसूली के मामलों में संलिप्त रहे हैं।

इस घटना के बाद कुजू और आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय जनता और पीड़ितों ने रेलवे बोर्ड और आरपीएफ के आला अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और उन पर कानूनी कार्रवाई हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे आरपीएफ की इस कथित तानाशाही के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन और कानूनी कदम उठाने को विवश होंगे।

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