विश्व पर्यावरण दिवस पर किसानों को मृदा स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक*   _“उत्तम संतुलित पोषण अभियान” के तहत खेतों से लिए गए मिट्टी के नमूने

*विश्व पर्यावरण दिवस पर किसानों को मृदा स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक*

 

_“उत्तम संतुलित पोषण अभियान” के तहत खेतों से लिए गए मिट्टी के नमूने_

 

*तुर्रम सिंह राजपूत✍️*

 

एटा। जनपद के सिकरारी गांव में Chambal Fertilisers and Chemicals Limited द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस अभियान एवं “उत्तम संतुलित पोषण अभियान” के अंतर्गत किसानों के खेतों से मृदा नमूना संग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उनकी भूमि की वास्तविक पोषक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराकर संतुलित एवं वैज्ञानिक उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मृदा परीक्षण के महत्व, संतुलित पोषण प्रबंधन, सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता, जैविक एवं रासायनिक उर्वरकों के समुचित उपयोग तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि नियमित मृदा परीक्षण से फसल उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ खेती की लागत कम होती है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक सुरक्षित बनी रहती है।

चम्बल फर्टिलाइजर्स की टीम एवं यूआरसी प्रतिनिधियों द्वारा किसानों के खेतों से वैज्ञानिक विधि से मिट्टी के नमूने एकत्रित किए गए। एकत्रित नमूनों की जांच कंपनी की कृषि विकास प्रयोगशाला, आगरा में की जाएगी। परीक्षण के उपरांत किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड वितरित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से उन्हें उनकी भूमि की गुणवत्ता के अनुसार उर्वरकों के उपयोग की सटीक अनुशंसा प्राप्त होगी।

कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने मृदा परीक्षण अभियान की सराहना करते हुए इसे खेती एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोगी पहल बताया। किसानों का कहना था कि इस प्रकार के अभियानों से वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा मिलेगा तथा मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम के अंत में कंपनी प्रतिनिधियों ने कहा कि किसानों को आधुनिक, संतुलित एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेंगे, जिससे किसानों की आय वृद्धि के साथ-साथ मृदा एवं पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल सके।

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