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इंस्टाग्राम वाला इश्क और अवागढ़ चौराहे का महाभारत, साभार सोशल मिडिया

इंस्टाग्राम वाला इश्क और अवागढ़ चौराहे का महाभारत

एक प्यार, दो मोबाइल और दस हजार की कहानी

एटा,अवागढ़ की दोपहर वैसे तो हमेशा की तरह सामान्य थी। चौराहे पर चाय वाले की केतली सीटी मार रही थी, पान वाले की दुकान पर राजनीति चल रही थी और रिक्शेवाले अपनी-अपनी सवारी तलाश रहे थे।

लेकिन किसी को क्या पता था कि कुछ ही देर में यहां “इंस्टाग्राम लव स्टोरी” का लाइव शो शुरू होने वाला है।

कहानी शुरू हुई इंस्टाग्राम से…

जहां थाना एका क्षेत्र के गांव राजगढ़ की एक विवाहिता की मुलाकात अलीगढ़ के इगलास निवासी चरण सिंह से हुई। पहले “फॉलो” हुआ, फिर “लाइक”, उसके बाद “रिप्लाई”, और धीरे-धीरे बात दिल तक पहुंच गई।

शुरुआत में दोनों सिर्फ “हाय-हैलो” करते थे।

फिर सुबह की गुड मॉर्निंग से लेकर रात की “सो गए क्या?” तक बातें होने लगीं।

महिला के तीन बच्चे थे और पति आगरा में जूता फैक्ट्री में काम करता था, लेकिन इंस्टाग्राम वाला प्यार इन सब बातों से बेपरवाह था।

धीरे-धीरे मुलाकातों का दौर शुरू हुआ।

कभी बाजार, कभी कस्बा, कभी किसी रिश्तेदार के यहां मिलने के बहाने।

प्रेमी चरण सिंह खुद को फिल्मी हीरो समझने लगा और महिला भी इंस्टाग्राम की “हीरोइन” बन चुकी थी।

लेकिन हर प्रेम कहानी में एक विलेन जरूर आता है।

यहां विलेन बना — मोबाइल फोन।

बताया जाता है कि कुछ समय पहले चरण सिंह ने महिला का मोबाइल अपने पास रख लिया।

महिला कई दिनों तक मोबाइल मांगती रही, लेकिन प्रेमी महोदय हर बार नया बहाना बना देते।

आखिरकार महिला मोबाइल लेने कासगंज पहुंच गई।

दोनों एक साथ रुके। रात में प्रेमी गहरी नींद में था और इधर महिला के दिमाग में “ऑपरेशन मोबाइल रिकवरी” चल रहा था।

कहते हैं प्यार अंधा होता है…

लेकिन मोबाइल और पैसे के मामले में आंखें पूरी खुली रहती हैं।

महिला धीरे से उठी, प्रेमी की जेब टटोली और वहां से दो मोबाइल फोन व करीब दस हजार रुपये लेकर ऐसे निकली जैसे किसी फिल्म में हीरोइन मिशन पूरा करके भागती है।

सुबह चरण सिंह की आंख खुली तो जेब हल्की थी और दिल भारी।

उसने पहले तकिया उठाकर देखा, फिर बैग टटोला, फिर माथा पकड़ लिया—

“अरे! मोबाइल भी गया… पैसा भी गया… और मोहब्बत भी!”

इसके बाद शुरू हुआ असली क्लाइमेक्स।

चरण सिंह सीधे महिला के गांव पहुंच गया।

रास्ते में महिला के छोटे बेटे को खाने-पीने का सामान दिलाने के बहाने अपने साथ ले आया, ताकि महिला खुद उसके पीछे-पीछे आए।

और हुआ भी वही।

कुछ देर बाद महिला भी अवागढ़ चौराहे पहुंच गई।

बस फिर क्या था…

चौराहे पर दोनों आमने-सामने हुए और देखते ही देखते मामला हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया।

महिला के परिजनों ने युवक को पकड़ लिया।

भीड़ जुट गई।

कोई वीडियो बनाने लगा, कोई लाइव कमेंट्री देने लगा—

“अरे भाई! यही है इंस्टाग्राम वाला आशिक!”

“मोबाइल के चक्कर में पूरा मामला बिगड़ गया!”

“प्यार कम, रिचार्ज ज्यादा लग रहा है!”

मामला थाने पहुंचा।

वहां महिला का पति भी आ गया।

घंटों पंचायत चली। पुलिस वालों ने भी माथा पकड़ लिया कि आखिर यह मामला प्रेम का है, मोबाइल का है या पैसों का!

आखिरकार पुलिस ने समझाइश दी—

“देखो भाई, इंस्टाग्राम पर दोस्ती ठीक है… लेकिन जिंदगी को रील मत बनाओ।”

काफी देर बाद दोनों पक्ष शांत हुए और अपने-अपने घर लौट गए।

निष्कर्ष

आजकल प्यार दिल से कम और मोबाइल डेटा से ज्यादा चल रहा है।

जहां पहले प्रेम पत्र खोते थे, अब मोबाइल और पासवर्ड खो रहे हैं।

और अगर इश्क इंस्टाग्राम पर शुरू हो…

तो उसका एंड कब अवागढ़ चौराहे पर हो जाए, कोई भरोसा नहीं! 😂

Ronda Faulk
Author: Ronda Faulk

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