*मिर्जापुर: अधिवक्ता व पत्रकार के साथ पुलिसिया बदसलूकी पर भड़का भारतीय मीडिया फाउंडेशन, संस्थापक एके बिंदुसार ने की उच्च स्तरीय जाँच की मांग*
मिर्जापुर:
जनपद मिर्जापुर के थाना संतनगर अंतर्गत दीपनगर चौराहे पर एक अधिवक्ता एवं पत्रकार के साथ थाना प्रभारी (SHO) द्वारा की गई कथित मारपीट और अभद्रता के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) की कोर कमेटी ने गहरा रोष प्रकट किया है।
संगठन की कोर कमेटी ने जताई कड़ी नाराजगी;
घटना की सूचना मिलते ही भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) की कोर कमेटी की एक आपात बैठक हुई, जिसमें पुलिस के इस व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की गई। संगठन का कहना है कि समाज के चौथे स्तंभ और कानून के रक्षकों (अधिवक्ताओं) के साथ इस तरह का हिंसक व्यवहार लोकतंत्र के लिए घातक है। कोर कमेटी ने इसे सत्ता और वर्दी का खुला दुरुपयोग करार दिया है।
यूनियन के संस्थापक एके बिंदुसार ने उठाई जाँच की मांग—–
भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक एके बिंदुसार ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस महानिदेशक से उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है। उन्होंने कहा:
> “पत्रकारों और अधिवक्ताओं का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि एक जिम्मेदार पद पर बैठा अधिकारी ही सड़क पर कानून हाथ में लेकर मारपीट करेगा, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करेगी? इस मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषी SHO पर तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।”
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क्या है पूरा मामला?
उल्लेखनीय है कि 21 अप्रैल 2026 को अधिवक्ता सुनील कुमार मौर्य अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी दीपनगर चौराहे पर थाना संतनगर के SHO ने उन्हें रोककर कथित तौर पर बिना कारण थप्पड़ मारे और गाली-गलौज की। पीड़ित के पास वाहन के सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे। पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर CCTV फुटेज सुरक्षित करने और धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है।
आंदोलन की चेतावनी!
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि जल्द ही दोषी अधिकारी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो भारतीय मीडिया फाउंडेशन( नेशनल)पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। इस मामले में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी से जाँच कराने की मांग पर संगठन अडिग है।








