*वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र में जल निगम की लापरवाही से ‘प्यासा’ हुआ कल्लीपुर गांव, ऑपरेटर और JE की मिलीभगत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा*

वाराणसी: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के ग्राम कल्लीपुर के निवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, लेकिन जल निगम के जिम्मेदार अधिकारी और स्थानीय ऑपरेटर कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं कि ग्राम कल्लीपुर में जल निगम के जूनियर इंजीनियर (JE) और ऑपरेटर की मिलीभगत से जानबूझकर पानी की आपूर्ति बाधित की जा रही है। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण पीने के पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
प्रमुख आरोप:
मिलीभगत का खेल: ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि ऑपरेटर और JE की साठ-गांठ के चलते गांव में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है, जिससे वे अपनी मर्जी चला सकें।
अनसुनी फरियाद: पीड़ित राजनाथ भारती और अन्य ग्रामीणों ने कई बार ऑपरेटर और संबंधित JE से समस्या के समाधान की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन और उपेक्षा ही मिली।
भीषण जल संकट: गांव में पानी की भारी किल्लत है, जिससे दैनिक कार्यों में भारी परेशानी हो रही है। लोग दूषित या दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं।
आखिर कब जागेगा प्रशासन?
पीड़ित ग्रामीणों ने अब जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और गांव में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ दोषी JE और ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
यह स्थिति दिखाती है कि कैसे कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के कारण सरकार की कल्याणकारी योजनाएं दम तोड़ रही हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कोई कठोर कदम उठाता है या ग्रामीणों को इसी तरह अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ेगा?








