सड़क हादसे में घायल का ₹1.5 लाख का मुफ्त इलाज, आगरा का जीआर हॉस्पिटल चयनित
– बिना पैसे और बीमा के मिलेगा कैशलेस उपचार, मददगारों को ₹25 हजार का ईनाम*
7 दिनों तक का अस्पताल खर्च उठाएगी सरकार, 112 हेल्पलाइन से मिलेगी त्वरित मदद*
आगरा, 04अप्रैल।* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में ‘पीएम राहत योजना’ के तहत अब सड़क हादसों के पीड़ितों को देश भर में ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। ताजनगरी आगरा के लिए गर्व की बात है कि इस महत्वपूर्ण योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु जनपद के जीआर हॉस्पिटल को विशेष रूप से चुना गया है।
*’गोल्डन ऑवर’ में मिलेगी संजीवनी, हिट-एंड-रन में भी राहत*
इस योजना का मुख्य फोकस ‘गोल्डन ऑवर’ यानी हादसे के पहले एक घंटे पर है, जो किसी भी घायल के जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। योजना के तहत, चाहे मामला हिट-एंड-रन का हो या सामान्य सड़क दुर्घटना के घायल को तत्काल कैशलेस उपचार मिलेगा। इसमें पीड़ित के पास बीमा हो या न हो, भारत की सड़कों पर हुए किसी भी हादसे के शिकार व्यक्ति को यह लाभ दिया जाएगा। गंभीर मामलों में 48 घंटे और सामान्य मामलों में 24 घंटे के भीतर त्वरित स्टेबिलाइजेशन उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।
*7 दिनों का कवर और मददगार को ₹25,000 का पुरस्कार*
पीएम राहत योजना के अंतर्गत हादसे के शुरुआती 7 दिनों तक का इलाज कवर किया जाएगा। उपचार का खर्च मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड के माध्यम से सीधे अस्पतालों को दिया जाएगा, जिससे परिजनों को रुपयों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही मानवता की मिसाल पेश करने वाले मददगार को सरकार द्वारा ₹25,000 का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। त्वरित सहायता के लिए 112 हेल्पलाइन के माध्यम से एम्बुलेंस और नजदीकी अस्पताल की सुविधा जोड़ी गई है।
*वर्जन*
सरकार का उद्देश्य है कि धन के अभाव में किसी भी घायल का दम न टूटे। आगरा के जीआर हॉस्पिटल का चयन इस दिशा में एक बड़ा कदम है। पुलिस के माध्यम से डिजिटल पुष्टि होते ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि गोल्डन ऑवर का लाभ हर जरूरतमंद को मिले। यह योजना न केवल इलाज सुनिश्चित करती है, बल्कि दुर्घटना के समय पीड़ितों की मदद करने वालों को भी प्रोत्साहित करती है। *-डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्त, उप निदेशक स्वास्थ्य/ मुख्य चिकित्सा अधिकार







