*मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान*
*जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के नवीन सत्र का फीता काटकर किया विधिवत शुभारंभ*

*JEE, NEET, UPSC, SSC, बैंकिंग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिलेगा निःशुल्क विशेषज्ञ मार्गदर्शन*
*पुस्तक दान केवल अध्ययन सामग्री का दान नहीं, बल्कि किसी प्रतिभावान एवं जरूरतमंद विद्यार्थी के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है-जिलाधिकारी*
एटा, 21 अगस्त 2026 (सू0वि0)। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह द्वारा शुक्रवार को शान्ति नगर स्थित जीजीआईसी कॉलेज एटा के बाबू जगजीवन राम छात्रावास परिसर में संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के नवीन सत्र का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया गया।
जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रतिभावान एवं मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आर्थिक संसाधनों के अभाव में कोई भी प्रतिभावान विद्यार्थी अपने सपनों को अधूरा न छोड़े, इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा निःशुल्क कोचिंग एवं अध्ययन सामग्री की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम से ही लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वे पूरे आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी क्षमता का उपयोग करें, कठिन परिश्रम करें तथा बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। प्रशासन एवं सरकार द्वारा उन्हें आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत सिविल सेवा, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस, बैंकिंग, एसएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेषज्ञ विषय विशेषज्ञों एवं अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा तैयार किए गए पाठ्यक्रम के आधार पर ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को निःशुल्क मार्गदर्शन, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, विषयवार अध्ययन सामग्री, करेंट अफेयर्स, गाइडेंस, मॉक टेस्ट एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण केंद्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त कक्षाओं की व्यवस्था की गई है। स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित विभिन्न विषयों की पुस्तकों से सुसज्जित वृहद लाइब्रेरी भी संचालित है, जहां विद्यार्थी शांत एवं सुरक्षित वातावरण में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना केवल कोचिंग उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र मार्गदर्शन का एक सशक्त माध्यम है। योजना के अंतर्गत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों एवं अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को समय-समय पर मार्गदर्शन एवं प्रेरणा प्रदान की जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से लाइब्रेरी, अध्ययन सामग्री एवं अन्य उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बताया गया कि योजना के अंतर्गत कक्षा 11 एवं 12 में अध्ययनरत अथवा उत्तीर्ण विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी जेईई एवं नीट की तैयारी के लिए पात्र हैं। इसी प्रकार स्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थी एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी यूपीएससी एवं पीसीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त बीएड, बीटीसी, बैंकिंग, एसएससी, विभिन्न आयोगों एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी निर्धारित शैक्षिक योग्यता के आधार पर प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से भी अपील की कि जिन विद्यार्थियों ने पूर्व में जेईई, नीट, यूपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, इंजीनियरिंग, मेडिकल अथवा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकें खरीदी हैं और सफलता प्राप्त करने के बाद वे पुस्तकें अब उनके उपयोग में नहीं हैं, वे अपनी अच्छी स्थिति वाली उपयोगी पुस्तकों को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की लाइब्रेरी के लिए दान करें। उन्होंने कहा कि “आपकी पुरानी किताब, किसी बच्चे के भविष्य की नई शुरुआत बन सकती है।” पुस्तक दान केवल अध्ययन सामग्री का दान नहीं, बल्कि किसी प्रतिभावान एवं जरूरतमंद विद्यार्थी के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन कर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षण वातावरण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से जनपद के अधिक से अधिक प्रतिभावान विद्यार्थियों को लाभान्वित कर उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ0 इंद्रजीत सिंह,जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यम त्रिपाठी, संबंधित अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, कार्यक्रम का सफल संचालन जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास आकाश द्वारा किया गया।जिला सूचना कार्यालय एटा 👆













