*पत्रकारिता की गरिमा सर्वोपरि: भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) ने कड़े अनुशासन और नई नीतियों का किया शंखनाद*
*जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में जिला कमेटियों का होगा संचलन*
नई दिल्ली: भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी ने पत्रकारिता जगत में शुचिता, अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक सख्त आचार संहिता जारी की है। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अब संगठन में ‘नाम मात्र’ के पद और ‘निहित स्वार्थ’ वाले व्यक्तियों के लिए कोई स्थान नहीं होगा।
पत्रकारिता के मापदंडों पर होगी हर नियुक्ति-
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन के सभी सदस्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब केवल उन्हीं लोगों को मुख्य पदों पर नियुक्त किया जाएगा, जो पत्रकारिता के उच्च मानदंडों पर खरे उतरते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो पदाधिकारी अपने कार्यों और व्यवहार से पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने में विफल रहेंगे, उनके पदों में तत्काल प्रभाव से बदलाव कर दिया जाएगा।
संगठन की नई कार्ययोजना: अब स्पष्ट होंगी दो श्रेणियां
संगठन ने कार्यप्रणाली में बड़ा सुधार करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब पत्रकारिता करने वाले सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सूची जिलावार अलग-अलग तैयार की जाएगी। इससे कार्यक्षेत्र में स्पष्टता आएगी और प्रत्येक सदस्य को उनके कार्य के अनुरूप पहचाना और सम्मानित किया जा सकेगा।
दबंग और अनुशासनहीन तत्वों के लिए ‘नो एंट्री’
पंडित बालकृष्ण तिवारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि पत्रकारिता के नाम पर व्यक्तिगत स्वार्थ सिद्ध करने वालों या आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को संगठन में कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई सदस्य पत्रकारिता के मूल्यों के विपरीत कार्य करता है, तो संगठन उसके संरक्षण में खड़ा नहीं होगा।
पत्रकारों के लिए सौगात और विशिष्ट सदस्यता अभियान-
अपने संबोधन में उन्होंने पत्रकारों के लिए एक नई सौगात का ऐलान किया:
सक्रिय सदस्यता: किसी भी समाचार पत्र, पत्रिका या न्यूज चैनल से जुड़े पत्रकार अब ‘विशिष्ट सदस्यता शुल्क’ के आधार पर संगठन से जुड़ सकते हैं।
अनुभव का सम्मान: सदस्यता के बाद, पत्रकार के अनुभव और कार्यशैली का आकलन किया जाएगा, जिसके उपरांत उन्हें योग्यता के आधार पर जिम्मेदारी दी जाएगी।
जिले में जिला अध्यक्ष का नेतृत्व होगा जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में जिले में रहने वाले समस्त मीडिया अधिकारी कार्य करेंगे,
उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव या राष्ट्रीय सचिव या राष्ट्रीय संगठन सचिव केंद्रीय समितियां के केंद्रीय अध्यक्ष, गणों एवं चेयरमैन डिप्टी चेयरमैन प्रवक्ता से से सिनियर नहीं हैं
उन्होंने कहा कि जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सर्वोच्च कमेटी का आदेश नहीं होता तो मनमाना नहीं कर सकते
यही नियम प्रदेश कमेटी एवं जिला कमेटी में भी लागू हैं जब प्रदेश प्रभारी राज्य मुख्य प्रशासक एवं प्रदेश अध्यक्ष संयुक्त रूप से आपको अधिकार न दे तब तक आप कोई अलग से फरमान जारी नहीं करेंगे।
अन्याय के खिलाफ बुलंद होगी आवाज-
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि कई स्थानों से पत्रकारों के उत्पीड़न की शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय मीडिया फाउंडेशन अपने सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकारों से भी अपेक्षा जताई कि वे पत्रकारों की सुरक्षा और उनके कार्यों के प्रति संवेदनशील रहें।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश:
“संगठन के मिशन को सफल बनाने के लिए तन, मन और धन से समर्पित रहने वाले अनुशासित सदस्य ही हमारी असली ताकत हैं। अब उन्हीं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी जो पत्रकारिता के मूल्यों को स्थापित करने का जज्बा रखते हैं।









